आरबीएम व जनाना अस्पताल में मेडिकल कॉलेज की ओर से लगाए गए ट्रॉली पुलर व सुरक्षा गार्डों के हटाए जाने के बाद पिछले 5 दिन से अस्पताल के हालात में सुधार नहीं आया है। हालात ऐसे बने हुआ है कि अस्पताल प्रशासन की ओर से लगाए गए 48 ट्रॉली पुलर और 13 सुरक्षा गार्ड भी अस्पताल में नजर नहीं आते हैं। ऐसे में न डिस्टेंसिंग की पालना हो रही है और न ही गंभीर मरीजों को ट्राॅली पुलर मिल रहे हैं।

मरीजों के परिजन खुद ही ट्रॉली खींच रहे हैं। दूसरी ओर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर रजत श्रीवास्तव के निर्देशन में व्यवस्था सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं, जिन्हें जल्दी ही अमलीजामा पहनाया जाएगा। जिसमें अन्य व्यवस्थाओं के साथ अब अस्पताल में सुरक्षा गार्ड व ट्राॅली पुलरों के बीच में ड्यूटी से गायब होने को रोकने को लेकर भी बीच में अचानक चेकिंग की जाएगी।

शनिवार को अस्पताल के वार्डों में मरीजों से ज्यादा बाहरी लोग फिर नजर आए। जिससे मरीजों को संक्रमण का खतरा बना रहा। नर्सिंग स्टाफ बाहरी लोगों को वार्ड से जाने का आग्रह करते रहे, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। ऐसे में मरीजों के इलाज करने में दिक्कत झेलते रहे। वहीं अस्पताल में मरीजों के परिजन खुद ट्रॉली खींचते रहे।

गॉर्ड नहीं होने से कोरोना की गाइड लाइनों की पालना नहीं हुई और काउंटरों पर भीड़ लगी रही। डॉक्टर्स के पास लगी मरीजों की भीड़ को खुद ही संभालना पड़ा।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ रजत श्रीवास्तव दोनों अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने के प्रयास में लगे हैं। जिसके बारे में जिला कलेक्टर के साथ प्रिंसिपल की शुक्रवार रात को भी मीटिंग हुई है।

जिसमें मैं भी मौजूद था। नई व्यवस्थाओं के साथ-साथ सुरक्षा गार्ड व ट्रॉली पुलरों की अचानक चेकिंग भी ड्यूटी के दौरान बीच में कराई जाएगी, जिससे वह हाजरी करके गायब न हो सकें। इससे जल्दी ही 2-3 दिन में सुधार आ जाएगा।
डॉ. नवदीप सैनी, पीएमओ, आरबीएम अस्पताल

जनाना अस्पताल में 24 ट्रॉली पुलर व 4 गार्ड सहित 55 प्लेसमेंट एजेंसी के अस्थाई कर्मचारी। -आरबीएम अस्पताल में 32 ट्रॉली पुलर और 9 गार्ड सहित 103 अस्थाई कर्मचारी हैं।
उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक फेस रीडिंग उपस्थिति शुरू की जाएगी।
आई कार्ड व यूनिफार्म पहनना अनिवार्य होगा।
दोनों अस्पतालों में हथियार के साथ सुरक्षा गार्ड लगाए जाएंगे, जो अनुशासन बनाएंगे।
जरूरत होगी तो ट्रॉली पुलर व गार्ड और लगाए जाएंगे।
एक ट्रॉली पर दो व्यक्ति लगते हैं, इसलिए व्हीलचेयर ज्यादा उपलब्ध कराई जाएंगी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Things have not improved even in five days, now guards and trolley pullers will be checked suddenly
Via Dainik Bhaskar https://ift.tt/1PKwoAf

Advertisement

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

 
Top