शैक्षिक स्तर में सुधार एवं गुणवत्ता लाने एवं स्कूल से जुड़ी समस्त शैक्षणिक एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों का फोकस विद्यार्थी की उपलब्धि पर केंद्रित करने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से प्रदेश स्तर पर अभिनव पहल की गई है। विद्यार्थियों एवं विद्यालयों की उपलब्धि के प्रमाणीकरण को ध्यान में रखकर ‘होनहार राजस्थान’ नामक कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई हैं।

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त बाबूलाल मीना ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। होनहार राजस्थान कार्यक्रम के माध्यम से कक्षा 2 से 7वीं के विद्यार्थियों के शैक्षणिक दक्षताओं के अनुसार विद्यालयों को ब्रॉन्ज, सिल्वर एवं गोल्ड प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

होनहार राजस्थान कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर में वृद्धि के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का विकास करना, शैक्षिक उपलब्धि के आधार पर विद्यालय की गुणवत्ता का आंकलन कर प्रमाणीकरण करना, विभिन्न विद्यालयों के मध्य स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का विकास करना, बेहतर प्रदर्शन वाले शिक्षकों, संस्था प्रधानों, विद्यालयों को प्रोत्साहित व सम्मानित करना, बच्चों में सीखने के प्रति जिज्ञासा व सजगता की भावना को प्रोत्साहित करना, विद्यालयों को अकादमिक सहयोग एवं संबल प्रदान करना हैं।

बाहरी संस्था जांचेेगी बच्चों की दक्षता
ब्राॅन्ज एंव सिल्वर प्रमाणीकरण के लिए विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर की जांच दक्षता आधारित प्रश्न पत्रों के अनुसार डाइट में अध्ययनरत इंटर्न के जरिए की जाएगी। जो विद्यालय गोल्ड प्रमाण पत्र के लिए स्वंय को मनोनीत करेंगे, उनके विद्यार्थियों के शैक्षिक दक्षताओं की जांच बाहरी संस्था या ब्लाॅक या जिला परिवर्तित करते हुए की जाएगी।

प्रथम चरण में विद्यालय स्तर पर मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन के आधार पर जो विद्यालय ब्राॅन्ज स्तर के मानकों को पूरा करेंगे, वहीं ब्राॅन्ज प्रमाण पत्र के लिए शाला दर्पण पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे।

ब्राॅन्ज के लिए 50 प्रतिशत के लिए 65 प्रतिशत व गोल्ड के लिए 80 प्रतिशत दक्षता जरूरी
ब्रॉन्ज प्रमाण पत्र - कक्षा 2 से 7 तक के 50 प्रतिशत विद्यार्थियों द्वारा भाषा, गणित, अंग्रेजी विषय में कक्षा स्तर की 50 प्रतिशत दक्षता प्राप्त करना।
सिल्वर प्रमाण पत्र - कक्षा 2 से 7 के 65 प्रतिशत विद्यार्थियों द्वारा भाषा, गणित, अंग्रेजी विषय में कक्षा स्तर की 50 प्रतिशत दक्षता प्राप्त करना।
गोल्ड प्रमाण पत्र - कक्षा 2 से 7 के 80 प्रतिशत विद्यार्थियों द्वारा भाषा, गणित, अंग्रेजी विषय में कक्षा स्तर की 50 प्रतिशत दक्षता प्राप्त करना।



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