पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग द्वारा रजिस्ट्री करवाने वाले के मोबाइल पर ओटीपी को कंफर्म करने के बाद दस्तावेज फीडिंग व्यवस्था में बदलाव नहीं किया गया है। ओटीपी के विरोध में डिस्ट्रिक्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन जयपुर ने विरोध करने पर 11 सिंतबर को सब रजिस्टार कार्यालयों में रजिस्ट्रियां बंद रही थी।
द डिस्ट्रिक्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ सुनील शर्मा ने बताया कि पंजीयन मुद्रांक विभाग द्वारा बिना अधिवक्ता वर्ग एवं रजिस्ट्री कराने वाले पक्षकारों को विश्वास में लिए बिना 10 सितंबर 20 को दोपहर बाद दस्तावेज पंजीयन में रजिस्ट्री करवाने वाली पार्टी के मोबाइल नंबर के साथ यह ऑप्शन जोड़ा गया है कि पार्टी के पास ओटीपी आएगा ।
उन्होंने बताया कि जब सामान्य दिनों में कोई दस्तावेज पंजीयन करवाया जाता है तो उस पर ही मोबाइल नंबर डालने पर ओटीपी नंबर जनरेट होता है। उसमें भी दस से बीस मिनिट का समय लग रहा है। जिससे अधिवक्ता , डीड राइटर्स तथा आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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