कोरोना के गंभीर मरीजों की सितंबर माह में संख्या बढ़ने के कारण कोटा के माल डिब्बा मरम्मत कारखाना में मालगाड़ी के डिब्बे को काटने के काम आने वाले ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई कम होने से कारखाने में उत्पादन घट गया है। रेलवे प्रशासन ने अब ऑक्सीजन की समस्या से निपटने के लिए 18 प्लाज्मा आंर्क कटिंग मशीन खरीदने की तैयारी की है।
कोरोना का संक्रमण अगस्त के अंतिम सप्ताह में तेजी से बढ़ा था। इसके कारण 22 अगस्त रेलवे वर्कशॉप में ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होना शुरू हो गई थी। रेलवे वर्कशॉप में रोजाना 180 ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत होती है। इन ऑक्सीजन सिलेंडर से मालगाड़ी के डिब्बों के खराब हिस्से को काट कर हटाया जाता है।
लेकिन कारखाने में ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई आधे से भी कम रहने के कारण मालगाड़ी के डिब्बों की मरम्मत का कार्य प्रभावित हुआ है। कारखाने में बॉक्स एंड वैगन बीसीएन वैगन बीटीएन वैगन टैंक वैगन चैतन्य वैगनाें की मरम्मत का काम होता है।
69 लाख का है ऑक्सीजन सिलेंडर सप्लाई का अनुबंध: रेलवे वर्कशॉप में रोजाना 180 सिलेंडर की सप्लाई होती है इसके लिए रेलवे ने जयपुर की एक फर्म से 69 लाख रुपए मैं अनुबंध किया हुआ है।
यह है स्थिति
- कारखाने में प्रतिमाह वैगन की मरम्मत का लक्ष्य 572 वैगन
- ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई कम होने से सितंबर माह में मरम्मत हो सकी केवल 442 वैगन 130 वैगन की मरम्मत नहीं हो पाई
- अगस्त माह में टारगेट 572 बैगन का मरम्मत हो पाई केवल 522 वैगन यानी 50 वैगन की मरम्मत नहीं हो पाई
कैरिज एंड वैगन आरओएच में भी काम प्रभावित
कैरिज एंड वैगन आर ओ एच में भी ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई नहीं होने से कामकाज प्रभावित हुआ है। इस विभाग में वैगन की मरम्मत के लिए लगभग 300 सिलेंडर प्रतिमाह की खपत होती थी। लेकिन केवल 30 सिलेंडर प्रतिमाह ही विभाग को मिल सके। इसके कारण बैगन की मरम्मत का कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ।
रेलवे खरीद रहा 18 प्लाज्मा आर्क कटिंग मशीन : रेलवे ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी को देखते हुए अब 18 प्लाज्मा आर्क कटिंग मशीन खरीद रहा है। एक मशीन की कीमत लगभग 1 लाख 3 हजार रुपए है। इसके लिए रेलवे का ऑर्डर दे दिया है। कारखाने में 20 महीने पहले से हैं फिलहाल उन से ही काम चलाया जा रहा है।
ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिलने से उत्पादन प्रभावित
रेलवे वर्कशॉप में ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई नहीं होने से वैगनों की मरम्मत का कामकाज प्रभावित हुआ है। अगस्त के अंतिम सप्ताह में सिलेंडर की सप्लाई कम होने लगी थी। सितंबर में सिलेंडर की सप्लाई आधी से भी कम रह गई। इससे कारखाने में उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। -मनीष गुप्ता, मुख्य कारखाना प्रबंधक
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