ट्रेनों के सामान्य कोचों की आयु 25 से घटाकर अब 20 साल होगी। इससे अधिक उम्र होते ही कोच कंडम घोषित कर दिए जाएंगे। कंडम कोचों से ऑटोमोबाइल्स ढोने वाली मालगाडिय़ों के लिए न्यू मॉडिफाइड वैगन तैयार होंगे। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।
कोरोना काल में कम खर्च और समय की बचत तथा सुरक्षा को देखते हुए ऑटोमोबाइल्स ट्रांसपोर्ट का झुकाव तेजी के साथ रेलवे की तरफ बढ़ा है। रेलवे की मालगाडिय़ों से भारत के विभिन्न शहरों में ही नहीं बांग्लादेश और नेपाल तक ऑटोमोबाइल्स भेजे जा रहे हैं। अधिक से अधिक ट्रांसपोर्ट के लिए न्यू मॉडिफाइड वैगन की मांग बढ़ती जा रही है।
लगातार वैगन बनाने से कंडम कोच कम पड़ गए हैं। जो कोच हैं वह पुराने तो हो चुके हैं, लेकिन उनकी उम्र अभी पूरी नहीं हुई है। ऐसे में रेलवे बोर्ड ने न्यू मॉडिफाइड वैगन की मांग को पूरी कराने के लिए कोचों की उम्र 25 से घटाकर 20 वर्ष कर दिया है।
यात्रियों को मिलेगी सुविधा : कोचों की आयु घटने से न्यू मॉडिफाइड वैगन की मांग पूरी हो जाएगी। रेलवे में पर्याप्त संख्या में 20 से 25 वर्ष की उम्र वाले कोच चल रहे हैं। रेलवे की इस नई व्यवस्था से यात्रियों को सहूलियत मिलेगी। जर्जर कोचों से छुटकारा मिलेगा। उम्र पूरी कराने के चक्कर में रेलवे कबाड़ हो चुके कोचों को भी लोकल ट्रेनों की रेक में लगा देता है।
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