आबूरोड में बैठकर अमेरिका के लोगों को फर्जी लोन का झांसा देकर उनसे ठगी करने वाले रैकेट का रीको पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह लोग इंटरनेट कॉल के माध्यम से ठगी करते थे। इन लोगों से रीको पुलिस ने 9 लैपटॉप, 11 मोबाइल समेत वाईफाई राउट व एक कार जब्त की है। जानकारी के अनुसार आबूरोड के रीको कॉलोनी में पिछले 3 सप्ताह से यह 6 लोग मिलकर कॉल सेंटर चला रहे थे।

आबूरोड पुलिस को जब इसकी जानकारी मिली तो एसपी पूजा अवाना के निर्देश पर एएसपी मिलन कुमार जोहिया व माउंट सीओ प्रवीण कुमार के नेतृत्व में रीको थानाधिकारी राणसिंह सोढ़ा, एसआई सूराराम, हैड कांस्टेबल राजाराम, कांस्टेबल भवानीसिंह, राजूदान, जगाराम, बालूराम, नवीन कुमार, जगदीश व देवीलाल की टीम गठित कर शुक्रवार रात करीब 10 बजे रीको कार्यालय के पीछे एक मकान में दबिश दी, जहां फर्जी कॉल सेंटर चला लोगों से ठगी की जा रही थी।

इस पर पुलिस ने गोमतीपुर अहमदाबाद निवासी शेख मोहम्मद, आजाद मैदान निवासी आशीष पटेल, सोनू पार्क सोसायटी गोडासर निवासी सौरभ, शिव शक्ति सोसायटी बिंजोल निवासी दुष्यंत यादव, तीर्थ भूमि सोसायटी ईसनपुर निवासी विपिन शुक्ला, अंबर टॉवर सरखेज निवासी आदिल को गिरफ्तार किया है। यह सभी अहमदाबाद निवासी हैं और इनसे मोबाइल व लैपटॉप समेत अन्य सामान बरामद कर पूछताछ शुरू कर दी है।

ऐसे करते थे ठगी : अमेरिका के लोगों को लोन का झांसा देकर चुराते थे उनका डाटा और इसके बाद ठगी
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह लोग बैंकों में लोन आवेदन के लिए अमेरिकी नागरिकों को मोबाइल पर मैसेज भेजते थे। बैंक लोन के लिए आवेदन करने वाले अमेरिकी नागरिकों का नाम, पता, मोबाइल नंबर व बैंक अकाउंट समेत अन्य जानकारी मिल जाती थी।

इसके बाद आरोपी इसे एक्सल शीट में खोलकर एक सॉफ्टवेयर के माध्यम से लोन पास होने का मैसेज भेजते थे। इसके बाद यदि कोई कस्टमर लोन के लिए तैयार होता और वह फिर से कॉल करता तो बैंक व संबंधित कार्ड से जुड़ी तमाम जानकारी लेकर उसके खाते से रुपए निकाल देते थे।

इस पूरे रैकेट में अलग-अलग लोग करते थे काम

थानाधिकारी सोढ़ा ने बताया कि आरोपियों से हुई अब तक की पूछताछ में बताया कि इस पूरे रैकेट में अलग-अलग लोग काम करते थे। यानी मोबाइल पर मैसेज भेजने से लेकर कॉल करने और उनका डाटा चुराने के साथ ठगी करने वाले तक लोग अलग थे। इतना ही नहीं, इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड अहमदाबाद से इस रैकेट को चला रहा था। थानाधिकारी ने बताया कि देवांग जोशी नाम का व्यक्ति इसे संचालित कर रहा था। पिछले 3 सप्ताह से यह लोग यहां पर फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे।

अमरीकी इंग्लिश बोलने के लिए असम से बुलाया

फर्जी कॉल सेंटर चला रहे इन लोगों ने बताया कि सभी को अलग-अलग काम दे रखा है। इनका काम केवल यह था कि वे लोग टैक्स्ट मैसेज भेज उनका डाटा आगे भेजते थे। अमरीकन भाषा में बात करने के लिए असम से कुछ लोगों को बुलाया भी था, लेकिन वे नहीं आए। आबूरोड में आकर इस फर्जी कॉल सेंटर को संचालित करने का कारण यह भी है कि अहमदाबाद में एसओजी व सायबर क्राइम की टीम ज्यादा सक्रिय है। ऐसे में उनकी पकड़ में न आए इसलिए इन्हाेंने आबूरोड को चुना।

  • अभी जांच कर रहे हैं कि आरोपियाें द्वारा कितने लोगों के साथ ठगी की गई है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के अहमदाबाद के होने के बाद भी आबूरोड में फर्जी कॉल सेंटर का संचालन करने का निर्णय भी जांच का विषय है। जांच के बाद कई और जानकारियां सामने आ सकती हैं। - प्रवीण कुमार, सीओ, माउंट आबू


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पुलिस गिरफ्त में आरोपी।
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