कोरोना महामारी के चलते इस बार दशहरे की धूम शहर में देखने काे नहीं मिलेगी, क्याेंकि शहर में दाेनाें दशहराें का आयाेजन नहीं किया जाएगा। पहली बार शहर में न ताे दाेनाें रामलीलाओं का मंचन हाे रहा है अाैर न ही इस बार रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के बड़े-बड़े पुतले जलाए जाएंगे। पहले शहर में दशहरे की 2 महीने पहले ही तैयारियां शुरू हो जाती थीं। इस बार कोरोना वायरस संक्रमण के कारण आयोजकों ने दशहरा

पर्व सादगीपूर्ण तरीके से न मनाने का निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार काेराेना से जिलेभर में अब तक 33 लाेगाें की माैत हाे चुकी है। वहीं, रावण दहन के लिए प्रशासन की गाइडलाइन अभी तक जारी नहीं हुई है। इस बार 25 अक्टूबर को दशहरा है। काेराेना संक्रमण महामारी के मद्देनजर रावण दहन की वर्षाें पुरानी परंपरा इस बार टूटेगी। अापकाे बता दें कि श्री सनातन धर्म महावीर दल श्रीगंगानगर की अाेर से 71 साल में पहली बार रावण, कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलाें का दहन नहीं किया जाएगा।

नगर परिषद| नहीं होगा पुतलों का दहन सरकार की गाइडलाइन आई तो करेंगे तैयारी

नगरपरिषद की ओर से भी इस बार दशहरा आयाेजन नहीं किया जाएगा। नगरपरिषद के पैराेकार प्रेम चुघ के मुताबिक काेराेना के कारण इस बार दशहरे पर पुतलाें का दहन नहीं हाेगा। यदि जिला प्रशासन दशहरे के संबंध में काेई गाइडलाइन जारी करता है ताे तैयारी की जाएगी। अापकाे बता दें कि हर साल नगरपरिषद की ओर से सुखाड़िया सर्किल स्थित रामलीला मैदान में रावण का 60, कुंभकर्ण का 50 व मेघनाद का 55 फुट के पुतले का दहन हाेता था। हर साल पुतलाें के दहन से पहले शाेभायात्रा मैदान में पहुंचती थी

महावीर दल| इस बार शाेभायात्रा नहीं निकलेंगे, पुतलाें का दहन भी नहीं किया जाएगा

श्री सनातन धर्म महावीर दल श्रीगंगानगर के कोषाध्यक्ष सीताराम शेरेवाला ने लाेगाें से अाग्रह किया है कि दशहरे के दिन सब लाेग अपने घराें में रहें। उन्हाेंने बताया कि दशहरे पर हर साल श्री राम व लंकापति रावण सेना के स्वरूपाें की शाेभायात्रा निकाली जाती थी, लेकिन इस बार दशहरा अायाेजन नहीं हाेने के चलते यह शाेभायात्रा भी नहीं निकाली जाएगी। शेरेवाला के मुताबिक हर साल रावण का 70 फुट, कुंभकर्ण का 65 फुट व मेघनाद का 60 फुट ऊंचा पुतला दहन किया जाता था।



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The effigies will not be burnt for the first time in 71 years, the Municipal Council and Shri Sanatan Dharm Mahavir Dal decided not to celebrate Dussehra festival this time due to the increasing Karena in the city.
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