राजस्थान का एक बैडमिंटन खिलाड़ी हैं अभिनव शर्मा। बोल-सुन नहीं सकता। डेफ गेम्स में हिस्सा लेता है। विश्व डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप में मेडल सहित कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा ले चुका है। खास बात यह है कि राजस्थान सरकार इस खिलाड़ी को महाराणा प्रताप अवार्ड भी दे चुकी है। लेकिन राजस्थान सरकार की आउट ऑफ टर्न पॉलिसी में पैरा खिलाड़ियों को तो शामिल किया गया है लेकिन डेफ गेम्स को शामिल नहीं किया गया। यही कारण है अभिनव और उनके जैसे कई डेफ खिलाड़ी सरकारी नौकरी से वंचित रह जाएंगे।
तीन बार से लगातार नेशनल चैंपियन
अभिनव 2017 से 2019 तक लगातार तीन बार नेशनल चैंपियन भी बन रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इंटरनेशनल कमेटी ऑफ स्पोर्ट्स फॉर दी डेफ (आईएससीडी) आईओसी से मान्यता प्राप्त है और ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ स्पोर्ट्स गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने भी डेफ गेम्स को नौकरियों के लिए पात्र माना है।
खेल मंत्री को लिख चुके हैं पत्र
डेफ गेम्स को आउट ऑफ टर्न पॉलिसी में शामिल करने के लिए राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल ऑफ डेफ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह प्रदेश के खेलमंत्री अशोक चांदना, डिपार्टमेंट ऑफ यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स और स्पोर्ट्स काउंसिल को पत्र भी लिख चुके हैं।
अभिनव के इंटरनेशनल मेडल
वर्ल्ड डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप, ताइपे-2019 : ब्रॉन्ज मेडल
एशिया पेसिफिक डेफ बैडमिंटन चैंपियनशिप, क्वालालंपुर-2018 : 2 ब्रॉन्ज मेडल
एशिया पेसिफिक डेफ गेम्स, तोयुन ताइपे-2015 : ब्रॉन्ज मेडल
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