एक साल के गैप के बाद अगले साल हज यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार हज पर जाना महंगा पड़ेगा। पहले 2.50 लाख में लाेग हज कर आते थे। इस बार कोरोना गाइडलाइन हज यात्रियों की जेब पर भारी पड़ेगी। इसके चलते दाे महीने में 25 फीसदी ही आवेदन हुए हैं। इस बार हज का कोटा भी कम होगा। पिछली बार देशभर से सवा दाे लाख लाेग गए थे। हालांकि अभी तक सरकार ने हज का कोटा नहीं भेजा है।
केंद्रीय हज कमेटी के नये सकुर्लर के मुताबिक अब हर हज यात्री पर 3.50 लाख से 3.75 लाख रुपए खर्च होंगे। इस बार उन्हें जयपुर की जगह दिल्ली से फ्लाइट पकड़नी हाेगी। इस वजह से भी आवेदन कम हो रहे हैं। जयपुर हज कमेटी के सीईओ महमूद अली ने बताया कि अब पहली बार ऐसा किया है कि सेकंड क्लास वाली अजीजिया कैटेगरी में ही हज कराया जाएगा। ग्रीन कैटेगरी उपलब्ध नहीं रहेगी।
कोरोना से यह हाेगा हज यात्रा पर असर
- 18 साल से कम और 65 साल से ज्यादा उम्र के लोग नहीं कर पाएंगे हज यात्रा।
- इस साल जयपुर से रवाना नहीं होंगी हज की उड़ानें, हज यात्रियों को दिल्ली से जाना होगा।
- रवानगी से तीन दिन पहले कोरोना टेस्ट अनिवार्य रूप से करवाना होगा।
- पॉजिटिव आने पर आवेदक की हज यात्रा रद्द कर दी जाएगी।
- सऊदी अरब में भी हज यात्रियों को पहले खुद को क्वारेंटाइन करना होगा।
- हज यात्रा में गर्भवती महिलाओं, लीवर, किडनी, कैंसर और हृदय रोगियों को जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।
- हज की अवधि भी 40 दिन से घटाकर 30 से 35 दिन की कर दी गई है।
हर साल हाड़ौती से 350 लोग हज यात्रा पर जाते थे, इस बार सिर्फ 50 आवेदन
हज कमेटी के पूर्व सदर जहीर अहमद ने बताया कि प्रदेश से हर साल पांच से छह हजार लोग हज यात्रा पर जाते हैं और काेटा संभाग से करीब 300 सरकारी और 50 लाेग प्राइवेट तरीके से हज पर जाते थे। हाड़ौती में अभी तक 50 लाेगाें ने ही आवेदन किया है। इससे पहले 250 लाेग हज पर गए थे। कोरोना के चलते हज यात्रा-2021 में 18 से 65 साल की उम्र वाले ही हज पर जा सकेंगे।
65 वर्ष से ज्यादा की उम्र वाले लोगों की हज यात्रा पर रोक रहेगी। प्रदेश में गत वर्ष 70 साल की उम्र के एक हजार से ज्यादा हज यात्री रिजर्व कैटेगरी में थे, लेकिन वे अब हज पर नहीं जा सकेंगे। जून-जुलाई- 2021 में हज यात्रा पर जाने के लिए अब ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। लेकिन कोरोना के कारण हज यात्रा में रुझान कम देखने को मिल रहा है।
7 नवंबर से शुरू हुए हज आवेदन प्रक्रिया शुरू हाे गई थी, लेकिन कम आवेदन के चलते इसकी तारीख 10 दिसंबर से बढ़ाकर 10 जनवरी कर दी गई है। वहां साेशल डिस्टेंसिंग की पालना के लिए अब एक कमरे में कम लाेग ही ठहराए जाएंगे। कैंपाें में भी कम लाेग ही रहेंगे। इस वजह से हज पर जाने वालाें की संख्या भी काफी कम रहेगी।
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