स्त्री रोग, शिशु रोग व मनोरोग चिकित्सक अब दो महीने में एक बार की बजाय हर एक पखवाड़े में प्रदेश के नारी निकेतनों व बालिका गृहों की विजिट करेंगे। इसके अलावा इनमें रहने वाली महिलाओं व बालिकाओं के वोकेशनल स्किल कराने के संबंंध में अगली सुनवाई पर राजस्थान हाईकोर्ट में बहस होगी। अगली सुनवाई 28 जनवरी को मुकर्रर की है।
एएजी सुनील बेनीवाल की ओर से उपलब्ध करवाई गई तथ्यात्मक रिपोर्ट के अनुसार जोधपुर के बालिका गृह, नारी निकेतन व चिल्ड्रन ऑब्जर्वेशन होम में ओपन एयर जिम स्थापित कर दी गई है। कोर्ट ने प्रदेश के अन्य सभी जिलों में भी ऐसे संस्थानों में ओपन एयर जिम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा महिलाओं व बालिकाओं के वोकेशनल स्किल कराने के संबंंध में अगली सुनवाई पर राजस्थान हाईकोर्ट में बहस की जाएगी।
गत 10 अगस्त 2020 को दिए आदेश के अनुसार शिशु रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ तथा मनोरोग चिकित्सक को दो महीने में एक बार बालिका गृह व नारी निकेतनों की विजिट के आदेश दिए थे। इस विजिट को बढ़ाने की जरूरत को देखते हुए यह तीनों तरह के विशेषज्ञ अब पूरे प्रदेश के सभी बालिका गृह व नारी निकेतनों में एक पखवाड़े में एक बार विजिट करेंगे।
एएजी पंकज शर्मा व मनीष व्यास को इस संबंध में इन विशेषज्ञों की विजिट सुनिश्चित करने के लिए संबंधित सचिव के शपथ पत्र पेश करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रदेश के सभी नारी निकेतनों व बालिका गृहों में खाली पड़े पदों को भरने के संबंध में दिए गए निर्देश के संबंध में अभी तक पालना रिपोर्ट पेश नहीं की है। इन निर्देशों के संबंध में सचिव को एफिडेविट पेश करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमित्र डॉ. नूपुर भाटी भी सुनवाई के दौरान मौजूद थीं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Via Dainik Bhaskar https://ift.tt/1PKwoAf
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें