न्यायालय विशिष्ट न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) प्रमोद कुमार मलिक ने मुकदमे में मदद करने की एवज में 50 हजार रुपए रिश्वत लेने के मामले में हैड कांस्टेबल सहित दो फरार आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।

प्रकरण के अनुसार आरोपी हैड कांस्टेबल दयाराम पर पुलिस थाना देवली मांझी जिला कोटा ग्रामीण में कार्यरत रहते हुए सह आरोपी जगदीश गुर्जर के साथ मिलीभगत कर परिवादी उमाशंकर से उसको किसी लड़की को भगाने के केस में कोई कार्यवाही नहीं करने तथा उसकी पुलिस कार्रवाई में मदद करने की एवज में 1 लाख रुपए रिश्वत की मांग की गई।

18 सितंबर 2017 को सत्यापन के समय 50 हजार रुपए लेने के लिए सहमत हुए। जिस पर कार्रवाई का आयोजन किया गया, लेकिन आरोपी को शंका होने पर रिश्वत राशि प्राप्त नहीं की। केस डायरी में आरोपीगण एवं परिवादी के बीच रिश्वत राशि की मांग करने व दबाव डालने के वार्तालाप है।



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