भारत-पाक सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ वायुसेना स्टेशन पर मंगलवार रात एक मिग-21 फाइटर विमान क्रैश हो गया। उड़ान भरते ही इसके इंजन में आग लग गई। पायलट ने थोड़ी ऊंचाई पर जाकर इजैक्ट कर लिया, जिससे वह बच गया। आग के गोले में तब्दील विमान वायुसेना स्टेशन परिसर में ही गिरा और एक बड़ा धमाका भी हुआ, जिसकी आवाज कई किमी. दूर तक सुनाई दी। समाचार लिखे जाने तक वायुसेना, पुलिस व प्रशासन के अधिकारी माैके पर थे।


सूत्रों के अनुसार मंगलवार रात करीब आठ बजे मिग-21 बायसन फाइटर विमान ने सूरतगढ़ एयरबेस से उड़ान भरी थी। पायलट नियमित अभ्यास के लिए जा रहा था। उड़ान भरते ही पायलट काे तकनीकी खराबी महसूस हुई और देखते ही देखते विमान के इंजन से आग की लपटें निकलना शुरू हो गई।

सिंगल सीट वाले इस विमान के पायलट ने सावधानी बरतते हुए इजैक्ट करने के लायक ऊंचाई तक ले जाकर पहले विमान को जमीन की तरफ मोड़ा, फिर पैराशूट के सहारे इजैक्ट कर लिया। इस दाैरान विमान पूरी तरह आग से घिर चुका था। आग का गोला बना यह विमान एक धमाके के साथ ही वायुसेना स्टेशन के परिसर में आकर गिरा। पायलट ने थाेड़ी दूर 24-26 पीबीएन के समीप राजाराम के खेत में खुद काे उतारा।

इसके बाद बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गया। एयरफोर्स ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। सूचना मिलते ही एसडीएम मनोज मीणा, डीएसपी विद्याप्रकाश, सीआई रामकुमार लेघा, एसएचओ पवन कुमार जाब्ते के साथ पहुंचे, लेकिन वायुसेना ने किसी काे अंदर नहीं जाने दिया। फिर अधिकारी वापस लौट आए।

1960 में मिग-21 विमान भारतीय वायुसेना में शामिल हुए थे

भारतीय वायुसेना ने पहली बार 1960 में मिग-21 विमानों को अपने बेड़े में शामिल किया था।
करगिल युद्ध के बाद से भारतीय वायुसेना अपने बेड़े से पुराने मिग-21 विमानों को हटाकर इसी उन्नत मिग-21 बाइसन को शामिल कर रही है।

मिग-21 सिंगल पायलट लड़ाकू विमान है और 18 हज़ार मीटर तक की ऊंचाई पर उड़ सकता है।

1965 और 1971 में हुए भारत-पाक युद्ध में मिग-21 विमानों का इस्तेमाल हुआ था। 1971 में भारतीय मिग ने चेंगड़ु एफ़ विमान (ये भी मिग का ही एक और वेरियंट था, जिसे चीन ने बनाया था) को गिराया था।

देश में एक साल में चौथी घटना

नवंबर-2020
जोधपुर में नवंबर में मिग-29 का एक ट्रेनी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना मेंे सेना ने जांच के आदेश दिए थे।
मई-2020
8 मई 2020 को पंजाब के नवांशहर में वायु सेना का लड़ाकू विमान मिग-29 तकनीकी गड़बड़ी के कारण क्रैश हो गया। पायलट ने कूदकर अपनी जान बचाई। इस दुर्घटना में विमान का पायलट पैराशूट के जरिये कूद गया। पायलट सुरक्षित रहा। इस विमान के क्रैश होने से खेतों में आग लग गई।
23 फरवरी, 2020
गोवा में नौसेना का एक मिग-29 विमान 23 फरवरी को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हालांकि, इस विमान में सवार पायलट बाल-बाल बच गया। विमान का पायलट सुरक्षित बाहर निकल गया।

लाइव...विमान गिरते ही बड़ा धमाका हुआ, आग से तेज राेशनी निकली

मंगलवार रात हम अपने घराें में थे। हमने देखा कि रात काे एक आग का गाेला सा नीचे जमीन की ओर आ रहा था। कुछ ही सेकंड में वह जमीन पर गिरा और बड़ा धमाका हुआ।

यूं लगा मानाे काेई बम फटा हाे। इस दाैरान आग से कुछ सेकंड के लिए तेज राेशनी भी हुई। फिर 10 से 15 मिनट तक रुक-रुक कर धमाकाें की आवाजें आती रहीं और धुंआ भी उठता रहा। इसके साथ ही दमकल व एंबुलेंस के सायरन की अावाजें भी गूंजने लगीं। पूरे गांव ने अपने घरों की छत पर चढ़कर इसे देखना चाहा, लेकिन वहां से दूर होने के कारण हमें कुछ नहीं दिखा। बाद में पता लगा कि सूरतगढ़ वायुसेना स्टेशन में ही काेई विमान गिरा है।
जैसा कि प्रत्यक्षदर्शी शंकरलाल ने फोन पर भास्कर संवाददाता को बताया।

मिग-29 व मिग-21 विमान देश में कई बार दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। इसलिए इन्हें उड़ता ताबूत (फ्लाइंग कॉफिन) भी कहा जाता है।



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MiG-21 dropped down as a fireball while flying, the pilot landed safely
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