शहर की दोनों नगर निगमों की वर्किंग कमेटियां इसी माह बनाई जाएगी। भाजपा व कांग्रेस मलमास समाप्ति का इंतजार कर रहे हैं। इसलिए संक्रांति के बाद ही नई कमेटियों की घोषणा होने की संभावना है। पहली बार बने ग्रेटर निगम व हेरिटेज निगम में कुल 50 कमेटियों का गठन हो सकता है। इसमें ग्रेटर निगम में 150 पार्षद होने की वजह से यहां 26 और हेरिटेज निगम में 100 पार्षदों के लिए 22 कमेटियों का गठन होने की चर्चा है।

इसके लिए मेयर के अलावा विधायकों से भी चार-चार पार्षदों के नाम लिए जा रहे हैं ताकि विधायक अपने चहेते पार्षदों को चेयरमैन बना सकें। इसके अलावा शेष कमेटियों के चेयरमैन संगठन अपने स्तर पर वरिष्ठ पार्षदों में से तय करेगा। उधर, दोनों ही दलों के पार्षदों ने महत्वपूर्ण कमेटियों में चेयरमैन बनने के लिए अपने नेताओं व संगठनों में लॉबिंग शुरू कर दी है।

भाजपा में पुराने और कांग्रेस में निर्दलीयों को मिलेगी तवज्जो, बोर्ड की पहली बैठक में मेयर लाएंगी कमेटियों का प्रस्ताव

ग्रेटर में भाजपा मेयर सौम्या गुर्जर और हेरिटेज में कांग्रेस की मेयर मुनेश गुर्जर की तरफ से अपने दलों के पार्षदों के चेयरमैन बनाने का प्रस्ताव पहली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। इसमें कमेटियों के चेयरमैन और सदस्यों के नाम शामिल होंगे।

कमेटियों में भाजपा व कांग्रेस तथा निर्दलीय पार्षदों के अलावा दो मनोनीत सदस्यों को भी शामिल किया जाना है। लेकिन हेरिटेज निगम में कांग्रेस में लौट कर आए 9 में से 7 निर्दलीयों को चेयरमैन बनाए जाने की चर्चा है। उधर, भाजपा के पुराने पार्षद कांग्रेस के कई नेताओं से सिर्फ इसलिए संपर्क कर रहे हैं ताकि महत्वपूर्ण कमेटियों में बतौर सदस्य शामिल हो सकें।

^कमेटियों के गठन के संबंध में अगले दो दिन के भीतर निर्णय हो जाएगा। इसकी घोषणा मल मास के बाद यानी संक्रांति के बाद की जाएगी। हेरिटेज में 23 से 24 कमेटियां बनाई जा सकती है।
- प्रतापसिंह खाचरियावास, कैबिनेट मंत्री
^बोर्ड की बैठक से पहले इसी माह निगम की वर्किंग कमेटियों का गठन किया जाएगा। पहले 21 कमेटियों का गठन करके शेष कमेटियों के लिए सरकार से मंजूरी लेंगे।
- सौम्या गुर्जर, मेयर ग्रेटर निगम

ये कमेटियां जिन पर सबकी नजर

सफाई कमेटी

सभी वार्डों में सफाई कार्य करवाने की जिम्मेदारी और सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति संबंधित कार्य सफाई कमेटी की मंजूरी से ही होते हैं। इसके अलावा डोर टू डोर कार्य की निगरानी व भुगतान संबंधित मामले की सुनवाई करती है।

लाइसेंस कमेटी

जयपुर शहर में लगने वाले डेयरी बूथों और पान बूथों का आवंटन लाइसेंस कमेटी देती है। इसके अलावा मैरिज गार्डनों को लाइसेंस व हटवाड़ा व अन्य फुटपाथ कारोबारियों को लाइसेंस कमेटी से ही अनुमति लेनी होती है।

वित्त कमेटी

सभी कमेटियों की ओर से आने वाले प्रस्ताव व प्रोजेक्ट को मंजूरी वित्त कमेटी से मिलती है। तभी उसे संबंधित प्रोजेक्ट के लिए पैसा जारी होता है।

कार्यकारिणी कमेटी

बोर्ड की बैठक में जो प्रस्ताव शामिल नहीं हो पाते हैं उन पर कार्यकारिणी कमेटी निर्णय करती हैं। इसका चेयरमैन मेयर ही होता है।

गैराज कमेटी

निगम में संचालित सभी प्रकार के वाहनों का संचालन व सफाई व रोड लाइट व अन्य कार्यों में लगे हेवी वाहनों का संधारण का जिम्मा गैराज कमेटी के जिम्मे है।

बिल्डिंग प्लान कमेटी

शहर में बनने वाली सभी बिल्डिंगों के निर्माण की स्वीकृति बीपीसी में ही मिलती है। नक्शा मंजूरी के अलावा भवनों का सब डिवीजन कार्य, पट्टा संबंधित सभी काम बिल्डिंग प्लान कमेटी से होते हैं।

उद्यान संधारण कमेटी

जयपुर शहर के सभी पार्क और सर्किलों की देखभाल व नये पार्कों का निर्माण व पुराने पार्कों में पौधा रोपण व खाद बनाने का काम उद्यान कमेटी के निर्देश पर होते हैं।



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Working committees will be formed only after Makar Sankranti, 26 can be made in Greater and 22 in Heritage.
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