जिले में काैओं की माैत का सिलसिला साेमवार काे भी जारी रहा। पाली व सुमेरपुर में 4-4 व चामुंडेरी में एक काैए की माैत हाे गई। चामुंडेरी में 2 माेराें ने भी दम ताेड़ दिया। पाली शहर में अब तक 8 व सुमेरपुर में 47 काैओं की माैत हाे चुकी हैं। जांच के लिए जिला प्रशासन के निर्देशन में पशुपालन विभाग, वन विभाग, चिकित्सा विभाग की ओर से रविवार काे 16 व साेमवार काे 4 काैओं के सैंपल भाेपाल भेजे हैं।
रिपोर्ट एक-दाे दिन में आने की संभावना है। शहर के करणी माता मंदिर के आसपास 4 काैओं की माैत हुई। सुमेरपुर में दाे व आसपास के गांवों में भी दाे काैओं की माैत की पुष्टि हुई। इधर, पशुपालन विभाग ने जिला मुख्यालय पर कंट्राेल रूम स्थापित कर दिया है। वन विभाग ने भी जिले की सभी 8 रेंज में कंट्राेल रूम स्थापित करके अधिकारियाें व कर्मचारियों काे लगाया है।
क्या तैयारी : तीन स्तर पर पूरी समीक्षा व माॅनिटरिंग, आमजन काे डरने की जरूरत नहीं
1. जिला स्तर पर पशुपालन विभाग ने कंट्राेल रूम बनाया
पशुपालन विभाग की ओर से काैओं की माैत के बाद आमजन काे दूर रखने के लिए तुरंत ही इसकी सूचना के लिए नाेडल अधिकारी भी नियुक्त किया है। डाॅ. मनाेज कुमार काे लगाया गया है। माेबाइल नंबर 9414592475 भी जारी किए हैं। जिस पर इसकी सूचना दे सकते हैं।
2. धारा 144 लगाई, आमजन की एंट्री बंद
जहां काैए मरे हुए मिल रहे हैं, उस क्षेत्र में धारा 144 लगाकर सख्ती से पालना भी की जा रही है। उन स्थानों पर आमजन की एंट्री पूरी तरह से बंद कर दी है। लाखाेटिया व करणी माता मंदिर सहित सुमेरपुर में कई स्थानों पर लाेगाें के आने-जाने पर पाबंदी लगाई गई है।
3. वन विभाग ने 8 कंट्राेल रूम बनाए
- पाली - जयदेव सिंह चारण : माेबाइल - 9414611276
- राेहट - पुष्पेंद्रसिंह राणावत : माेबाइल - 9928709338
- मारवाड़ व साेजत - मनोहर खां : माेबाइल - 9079249551
- सेंदड़ा - राजेंद्रसिंह - माेबाइल - 9462882321
- बाली - चंदनसिंह - माेबाइल - 7742016682
- सुमेरपुर - महेंद्रपालसिंह - माेबाइल - 8769714678
- देसूरी - करणसिंह - माेबाइल - 9462886190
आमजन डरें नहीं, सावधानी बरतें
आमजन काे किसी भी प्रकार से डरने की जरूरत नहीं है, सिर्फ सावधानी रखने की जरूरत है। सैंपल भाेपाल भेजे हैं। सभी प्रकार की व्यवस्थाएं जिला प्रशासन के निर्देशन में वन विभाग, चिकित्सा विभाग के साथ मॉनिटरिंग करके की जा रही हैं। जहां काैओं की माैत हाे रही है, वहां पर पाबंदियां लगाई हैं। आमजन काे काैए मृत दिखे ताे पास नहीं जाएं और कंट्राेल रूम पर सूचना दें।
-डाॅ. चक्रधारी, संयुक्त निदेशक
एवियन इनफ्लूएंजा वायरस एक तरह से बर्ड फ्लू : डाॅ. रेणू
बांगड़ काॅलेज की सह आचार्य व पक्षी विशेषज्ञ डाॅ. रेणू काेहली बताती हैं कि यह एवियन इनफ्लूएंजा वायरस एक तरह से बर्ड फ्लू ही हाेता है। जाे एक पक्षी से दूसरे पक्षी के संपर्क में आने से फैलता है। यह संक्रामक बीमारी है। इसी के चलते काैओं की माैत का सिलसिला जारी है। बस समय पर इसकी सूचना पशु विभाग व वन विभाग काे दें। पक्षियाें में काैआ चतुर हाेता है, अगर खाने से माैत हाेती ताे दूसरे पक्षी उसके पास नहीं आते हैं। ऐसे में यह स्पष्ट है कि माैतें वायरस से ही हाे रही है।
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