दूसराें की जान बचाते हुए शहीद नारनाैद के लाडले सूबेदार अनिल कुमार की उनके पैतृक गांव नारनाैद में राजकीय व सैन्य सम्मान से अंत्येष्टि हुई। 20 जाट गोरखा मूवमेंट जयपुर के जवानों ने सूबेदार नवीन कुमार की अगुवाई में गार्ड ऑफ ऑनर दिया।


पार्थिव देह को पुत्र निमित्त भांबू ने मुखाग्नि दी। सुबह से ही उनके घर के बाहर लोग इकट्ठा होने लगे। जैसे ही सेना की गाड़ी से पार्थिव देह पहुंची तो हर किसी की आंखें नम हो गई। सेना की गाड़ी से घर पर आए पार्थिव देह को बारिश के कारण गाड़ी से मुक्तिधाम ले जाया गया।


मुक्तिधाम तक सूबेदार अनिल कुमार की दोनों बेटियां व बहन भी पहुंची। पार्थिव देह के साथ आए यूनिट के नायब सूबेदार गुमान सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को शहीद के बेटे निमित भांबू को सम्मान के साथ सुपुर्द किया।

रिटायरमेंट लेकर घर आ जाओ : एक महीने की छुट्टी पर आए सूबेदार अनिल भांबू को उनके पिता कैप्टन रामदेव भांबू ने घर की सार-संभाल के लिए रिटायरमेंट लेकर घर आने के लिए कहा था सूबेदार अनिल कुमार ने पिता से कहा कि रिटायरमेंट मे एक साल बाकी है। एक साल और देश सेवा कर लूं। उनके पिता कैप्टन रामदेव की हालत 5 साल से नाजुक होने के चलते वो व्हील चेयर पर है।
लोगों की जान बचाने के लिए लगाई गाड़ी से छलांग : ट्रेनिंग के बाद सूबेदार अनिल कुमार सेना के वाहन से वापस लौट रहे थे। रास्ते में राईयांवाली गांव के पास ढलान में गाड़ी बंद हो गया एवं उसका स्टेयरिंग जाम हो गया था। हैंड व मैप ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। करीब 200 मीटर आगे गांव के लोगों की जान बचाने के लिए वाहन से छलांग लगाकर रोकने का प्रयास किया। अंधेरा व धुंध होने के कारण वे गाड़ी के नीचे आ गए और हादसा हो गया।



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On my way to duty, I asked my father to do some time and serve the country.
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