मार्च से बंद काेचिंग, स्कूल-काॅलेज 18 जनवरी से खाेले जाएंगे। बुधवार काे राज्य सरकार ने शिक्षण संस्थानाें के लिए एसओपी जारी की है। राज्य सरकार के आदेश में साफ है कि 9वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स ही स्कूल आ सकेंगे। वहीं काेचिंग संचालकाें काे निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित पैरामीटर का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए।
सरकार की गाइडलाइन में काेचिंग संस्थानाें के अलावा, मैस और हाॅस्टल के लिए भी निर्देश हैं। संक्रमण से बचाव के लिए तय किए गए नियमाें का उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान है। गाइडलाइन के अनुसार कंटेनमेंट जाेन के बाहर ही काेचिंग संस्थान खुल सकेंगे।
काेचिंग जाने के लिए स्टूडेंट्स के माता-पिता की लिखित सहमति अनिवार्य है। जाे स्टूडेंट्स ऑनलाइन क्लास करना चाहते हैं उन्हें इसकी अनुमति दी जाए। प्रदेश के बाहर के स्टूडेंट्स काे आने से 24 घंटे पहले आरटीपीसीआर टेस्ट कराना अनिवार्य होगा। इस जांच के निगेटिव आने के बाद ही कोचिंग संस्थान में प्रवेश की अनुमति हाेगी।
काेचिंग संस्थान काे हर छात्र की अनिवार्य रूप से स्क्रीनिंग करनी हाेगी। स्टूडेंट्स की सूचना कलेक्टर द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी को देनी हाेगी। कोचिंग में नर्स और चिकित्सक की उपलब्धता जरूरी होगी। दो बैच के बीच हर हाल में 30 मिनट का अंतर रखना होगा।
क्लास में कम से कम 6 फीट की दूरी पर बैठेंगे स्टूडेंट्स, वेंटीलेशन का ध्यान भी रखना होगा
- कोचिंग संस्थान खोलने से पहले संपूर्ण भवन, फर्नीचर, उपकरण, स्टेशनरी, पानी के टैंक, रसोईघर, वाॅशरूम, कैंटीन, प्रयोगशाला आदि काे सेनेटाइज करवाया जाए।
- कक्षों आदि में हवा का पूरी तरह प्रवाह रहे, यह सुनिश्चित किया जाए।
- हाथ धोने के पर्याप्त उपकरण उपलब्ध हों।
- थर्मल स्कैनिंग, कीटाणुनाशक, सेनेटाइजर और साबुन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हों।
- कोचिंग संस्थानों में अावागमन के लिए परिवहन के सभी साधन सेनेटाइज हों।
- क्लासरूम में स्टूडेंट्स कम से कम 6 फीट की दूरी पर बैठें। स्टाफ रूम, कार्यालय व अन्य स्थानों पर साेशल डिस्टेसिंग बनाए रखने की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
- संस्थान का यह दायित्व होगा कि वह स्टूडेंट्स, अभिभावकों, स्टॉफ को कोरोना वायरस संबंधी चुनौतियों के बारे में जागरूक करें।
- साेशल डिस्टेसिंग रखने, हाथ धोने और मास्क लगाने के पोस्टर, संदेश, स्टीकर लगाए जाएं।
- सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर प्रतिबंध हो।
- संस्थान को खोले जाने से पूर्व रिसेप्शन, पानी पीने के स्थान, हाथ धोने के स्थान पर साेशल डिस्टेंसिंग के लिए सर्किल बनाए जाएं।
- संस्थान खोले जाने से पूर्व अभिभावकों की सहमति प्राप्त की जाए।
मास्क न होने पर कोचिंग संस्थान में मिलेगा मास्क
- स्टूडेंट्स की एंट्री और एक्जिट के दाैरान साेशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखा जाए।
- कक्षा में प्रवेश और बाहर जाने के समय सेनेटाइजर या साबुन से हाथ धुलना जरूरी।
- स्टूडेंट्स मास्क लगाने के अलावा स्वयं पानी की बोतल लाना सुनिश्चित किया जाए।
- संस्थान द्वारा स्टूडेंट काे मास्क उपलब्ध कराया जाए। एंबुलेंस की व्यवस्था भी जरूर की जाए।
- क्लासरूम व फैकल्टी रूम को प्रतिदिन सेनेटाइज किया जाए।
- कैंटीन स्टाफ एवं काउंटर के सेनेटाइजेशन का ध्यान रखा जाए। स्टूडेंट्स को सामग्री उपलब्ध कराते समय स्टाफ ग्लव्ज पहनें।
- स्टूडेंट के संक्रमित हाेने पर तुरंत कोविड सेंट में इलाज के लिए भेजा जाए, जिसका खर्च संस्थान द्वारा वहन किया जाएगा।
बार-बार सेनेटाइजेशन करना जरूरी
- मुख्य द्वार पर साेशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखा जाए। स्टूडेंट्स, अभिभावक या कर्मचारी अनावश्यक रूप से एकत्रित न हों।
- सेनेटाइजेशन व तापमान की जांच करने के बाद ही प्रवेश सुनिश्चित हो।
- गार्ड केबिन में भी सामाजिक दूरी का पालन किया जाए एवं प्रत्येक शिफ्ट के गार्ड नियमित रूप से हाथ धोने व सेनेटाइजेशन का ध्यान रखें।
- संस्थान में प्रतिदिन काम में आने वाली स्टेशनरी एवं अन्य उपकरणों को सेनेटाइज किया जाए।
- प्रमुख द्वार पर किसी भी अनजान व्यक्ति से कोई भी वस्तु बिना वेरिफिकेशन न ली जाए।
- संस्थान में आने वाले सामान को बिना सेनेटाइजेशन के आने की अनुमति नहीं हो।
- सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर प्रतिबंध हो एवं उल्लंघन किए जाने पर आर्थिक दंड लगाया जाए।
- सभी स्टूडेंट्स व फैकल्टी ऐसी किसी सतह जो सार्वजनिक संपर्क में है, को छूने के बाद साबुन से हाथ धोएं व सेनेटाइजर का उपयोग करें।
- कोविड-19 दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों का ध्यान रखने के लिए संस्था में कैमरों की व्यवस्था की जाए।
- संस्थान अपने स्टूडेंट्स व फैकल्टी स्टाफ के मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु एप इंस्टॉल करने के लिए प्रेरित करेंगे।
हॉस्टल में आइसोलेशन की व्यवस्था जरूरी
- एक कक्ष में एक स्टूडेंट के ही रुकने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए । बड़े कक्षों में अस्थाई पार्टिशन की व्यवस्था कर सिंगल रूम में परिवर्तित किया जाए।
- स्टूडेंट्स के हॉस्टल में रहने के दौरान पर्याप्त सामाजिक दूरी मेंटेन की जाए।
- हॉस्टल में उन्हीं बच्चों को प्राथमिकता से लिया जाए, जिनके स्थानीय निवास न हो एवं ऑनलाइन शिक्षण की व्यवस्था न हो।
- प्रत्येक स्टूडेंट की प्रतिदिन स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए।
- बाहर से आने वाले स्टूडेंट्स को हॉस्टल पहुंचने पर प्रारम्भिक दिनों में अन्य छात्रों से पर्याप्त दूरी सुनिश्चित की जाए।
- छात्रों के मानसिक एवं भावनात्मक मनोबल को सुदृढ़ करने के लिए संस्थान द्वारा काउंसलर की व्यवस्था की जाए।
- संस्थान के स्टाफ के अतिरिक्त अनावश्यक लोगों पर रोक लगाई जाए।
- किसी भी छात्र या स्टाफ के सदस्य में कोरोना वायरस के लक्षण प्रकट होने पर उसे तुरंत आईसोलेट करके चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
हाॅस्टल में ही मैस की व्यवस्था करनी हाेगी
- प्रत्येक हाॅस्टल में मैस की व्यवस्था हो, ताकि स्टूडेंट्स को बाहर से भोजन नहीं मंगवाना पड़े।
- मैस में एक जगह एकत्रित होकर भोजन करने के स्थान पर स्टूडेंट्स को अपने कमरे में ही भोजन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
- यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रतिदिन रसोई अच्छी तरह से साफ और सेनेटाइज की जाए।
- मैस में स्टूडेंट्स के बैठने के स्थान को प्रतिदिन धुलाया जाए और फर्नीचर को सेनेटाइज किया जाए
- खाना परोसने वाला स्टाफ अनिवार्य रूप से हाथ दस्ताने/मास्क का उपयोग करे।
- स्टूडेंट्स की मैस में एंट्री के समय हाथ धोना सुनिश्चित किया जाए।
- कॉमन हॉल में साेशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए भोजन करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- कोरोना महामारी को देखते हुए भोजन में आवश्यक पौष्टिक तत्वों की अनिवार्यता सुनिश्चित की जाए।
- मैस में पीने के पानी के स्थान की स्वच्छता सुनिश्चित की जाए।
सेनेटाइजेशन के लिए काेचिंग में तैयार हुए अल्ट्रावायलेट क्लासरूम
स्टूडेंट्स का ध्यान रखने के लिए कोचिंग संस्थानों में खास व्यवस्था की गई है। यहां डाॅक्टर से लेकर नर्सिंग स्टॅाफ लगाए जाएंगे। क्लासरूम में स्टूडेंट्स की संख्या 50 प्रतिशत रहेगी। काेचिंग्स में अल्ट्रावायलेट सेनेटाइजेशन सिस्टम हाेगा। इसमें क्लास पूरी हाेने के बाद यूवी लाइट्स से सेनेटाइजेशन किया जाएगा। इसके बाद ही दूसरी क्लास शुरू की जाएगी। काेचिंग्स में कैंटीन पूरी तरह बंद रहेगी।
आपात स्थिति के लिए हॉस्टल्स में एंबुलेंस की व्यवस्था
हाॅस्टल में एंट्री गेट पर स्टूडेंट्स के लिए ऑटाेमैटिक सेनेटाइजेशन की व्यवस्था रहेंगी। आते-जाते समय छात्राें का तापमान लिया जाएगा और इसकी रजिस्टर में एंट्री हाेगी। हाॅस्टल में स्टूडेंट्स के लिए अलग से आइसाेलेशन फ्लाेर रिजर्व रखा जाएगा। हाॅस्टल में एंबुलेंस की भी व्यवस्था रहेगी। स्टूडेंट्स के लिए लांड्री की सुविधा भी हाेगी। सात दिन के बाद स्टूडेंटस काे कपड़े साैंपे जाएंगे। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से भी हेल्थ चेकअप की व्यवस्था रखी जाएगी।
स्कूलों और कॉलेजों में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ चलेगी क्लास
डीईओ माध्यमिक मुख्यालय गंगाधर मीणा ने बताया कि राज्य सरकार की गाइड लाइन के अनुसार स्टूडेंट्स के लिए 18 जनवरी से कक्षा 9 से 12 तक स्टूडेंट्स काे सरकार की गाइड लाइन के अनुसार 50 प्रतिशत क्षमता के साथ स्टूडेंट्स काे बुलवाएंगे। काेविड-19 की पालना करनी हाेगी।
गवर्नमेंट आर्ट्स काॅलेज प्रिंसिपल डाॅ. आरएन साेनी ने बताया कि अभी 18 जनवरी से बीए और पीजी फाइनल काे क्षमता के अनुसार 50 प्रतिशत एक दिन और दूसरे दिन 50 प्रतिशत स्टूडेंट्स काे बुलवाएंगे। शिक्षक एक लेक्चर काे दाे दिन तक पढ़ाएगा। बगैर मास्क के एंट्री नहीं दी जाएगी। आरटीयू काेटा, काेटा यूनिवर्सिटी और एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से काॅलेज में काेविड-19 की गाइड लाइन और राज्य सरकार की गाइड लाइन के अनुसार तैयारियां की जा रही हैं।
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