बयाना के कसाईपाड़ा का 11 वर्षीय बालक संभवतः देश का पहला ऐसा कोरोना संक्रमित रोगी होगा जो सर्वाधिक 49 दिन तक अस्पतालों में भर्ती रहा। क्योंकि प्रदेश में कोई भी कोरोना संक्रमित रोगी बालक 18 दिन से ज्यादा भर्ती नहीं रहा। अब 13 और 14वां सैंपल नेगेटिव आने के बाद उसे जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल से सोमवार को छुट्टी दे दी गई है। छुट्टी मिलने के बाद यह बालक काफी खुश हुआ और वार्ड में ही नाचने लगा। परिजनों ने भी बिना देर किए उसे तुरंत घर भिजवा दिया। यह बालक 14 अप्रैल को परिजनों के साथ बयाना में क्वारेंटाइन किया गया था। इसका पहला सैंपल 16 अप्रैल को पॉजिटिव आया था। उसी दिन उसे भरतपुर के आरबीएम अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। यहां नेगेटिव नहीं होने पर उसे जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल (एसएमएस) में रैफर किया गया था। एसएमएस में भी वह 21 दिन के भर्ती रहने और गहन इलाज के बाद नेगेटिव हुआ।

अस्पताल में बिल्कुल मन नहीं लगा, क्योंकि पापा के पास एंड्रायड फोन नहीं था : कासिम
छुट्टी मिलने के बाद प्रसन्न हुए इस संक्रमित बालक कासिम ने बताया कि मुझे न तो खांसी, जुकाम, बुखार आदि कोई बीमारी थी और न ही मुझे कोई परेशानी महसूस हो रही थी। बल्कि ऐसा लगा कि पता नहीं मुझे जबरदस्ती अस्पताल में रखा जा रहा है। भरतपुर और और जयपुर के अस्पतालों में मेरा बिलकुल भी मन नहीं लगा। क्योंकि मेरे पास पापा के अलावा अन्य कोई परिजन या खेलने के लिए साथी बालक नहीं था। पापा के पास एंड्रायड मोबाइल फोन भी नहीं था, जिससे मैं खेल सकूं। मेरे साथ वार्ड में जो अन्य संक्रमित बालक आए थे, उन सब की जल्दी छुट्टी हो चुकी थी। वे अपने परिजनों के साथ घर जा चुके थे। इसलिए जब मुझे पता चला कि मेरी अस्पताल से छुट्टी हो रही तो मुझे बहुत खुशी हुई। मैं तुरंत घर चला आया।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Via Dainik Bhaskar https://ift.tt/1PKwoAf

Advertisement

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

 
Top