(गिरीश शर्मा) देश-दुनिया के कारोबारी, सियासी और फिल्मी परिवारों के शादी समारोहों की गवाह और डेस्टिनेशन वेडिंग सिटी उदयपुर में लॉकडाउन के दौरान पहली बार शादियों की धूम भी लॉकडाउन हो गई। इस साल अप्रैल, मई से 18 जून तक सिर्फ 11 शादियां ही रजिस्टर्ड हुई हैं। जबकि हर साल अप्रैल-मई-जून में औसत 25 सौ शादियां रजिस्टर्ड होती हैं।
वर्ष 2017 में अप्रैल-मई-जून में 2526 शादियां, 2018 में 2547 और 2019 में अप्रैल-मई-जून में 2394 शादियां रजिस्टर्ड हुईं। होटल, सराफा, गार्डन, टेंट, कपड़ा आदि के व्यापार के लिए ये तीन महीने बेहद अहम हैं। हालांकि अब सराफा, होटल, गार्डन, टेंट, कपड़ा आदि का व्यापार फिर से पटरी आने लगा है। कोरोना संक्रमण के चलते सरकार शादी समारोह में 50 मेहमानों की ही अनुमति दे रही है।
ऐसे में होटल, गार्डन, टेंट आदि के पैकेज की कीमत आधी से एक तिहाई तक हो गई है। खास बात यह है कि माता-पिता अपने बड़े बेटे-बेटियों के मुकाबले छोटे बेटे-बेटियों की शादी में खर्च करने का टारगेट पूरा करने के लिए सोने के भारी आभूषण खरीद रहे हैं।
ज्वेलरी : सरकार से 10% कस्टम, 3 % जीएसटी में छूट की मांग
लोग शादी समारोह के लिए हैवी ज्वेलरी बुक करा रहे हैं। सोने के हार, पाटला सेट, बाजूबंद, कंदोरा, कड़े आदि की बुकिंग बढ़ी है। उदयपुर सराफा एसोसिएशन संरक्षक इंदर सिंह मेहता बताते हैं कि शादी समारोह में 50 से ज्यादा मेहमानों को बुलाने की अनुमति नहीं है।
माता-पिता बड़े बेटे-बेटियों की शादी खर्च के टारगेट को छोटे बेटे-बेटियों की शादी में पूरा करने के लिए सोने के भारी आभूषण ज्यादा खरीद रहे हैं। एसोसिएशन का कहना है कि सरकार सोने पर 10 प्रतिशत कस्टम और 3 प्रतशित जीएसटी में कुछ समय के लिए रियायत दे ताकि व्यापार तेजी पकड़ सके।
अब 50-50 मेहमानों के लिए पैकेज के हिसाब से होटलों की बुकिंग की जा रही हैं : अध्यक्ष वैष्णव
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष भगवान वैष्णव बताते हैं कि अप्रैल मई में ज्यादा शादी होती हैं। लॉकडाउन में एक भी शादी नहीं हुई, लेकिन अब लोग 50-50 मेहमानों के पैकेज के हिसाब से बुकिंग के लिए संपर्क करने लगे हैं। कुछ होटलों में बुकिंग भी हुई है।
शादियों के लिए अब अगले छह महीने में 13 मुहूर्त हैं
इस साल शादी के मुहूर्त वैसे ही कम थे और लॉकडाउन के चलते हजारों शादियां टल भी गईं। अब पंचांग के अनुसार अगले 10 माह में सिर्फ 16, जबकि अंग्रेजी साल के आगामी छह महीने में 13 मुहूर्त हैं, जिनमें शादियां हो पाएंगी। एक जुलाई को देव शयन के साथ सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा, जो 25 नवंबर को देवोत्थान के साथ वापस शुरू होगा।
अब ये मुहूर्त
- जून 27, 28, 29 व 30 को।
- नवंबर 25, 27 व 30 को।
- दिसंबर 1, 7, 9, 10, 11 व 20 को।
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