जिला अस्पताल के आईसीयू में 13 दिन भर्ती रहकर कोरोना को मात देने वाली महिला को कलेक्टर इंद्रजीत सिंह ने मंगलवार को गुलदस्ता देकर घर विदा किया, तो यह वृद्धा कलेक्टर को खुशी में 500 रुपए देने लगी। इस पर कलेक्टर ने कहा कि पैसे आप रखो, यह अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों की मेहनत का नतीजा है कि आप इतनी जल्द स्वस्थ हुई हैं, इस पैसे से आप मेरी तरफ से मिठाई खाओ।

इसके बाद भी महिला पैसे देने पर अड़ी रही तो कलेक्टर ने 500 रुपए कर्मचारी को यह कहते हुए देने को कहा कि इनकी मिठाई मंगवाकर सभी कर्मचारियों में बंटवा दें। इसके बाद इस पैसे से मिठाई मंगवाकर सभी को बांटी गई। कलेक्टर मंगलवार सुबह जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने आईसीयू से कोरोना मुक्त होकर घर जा रहीं 50 वर्षीया कमलेश पत्नी अशोक कुमार निवासी नयाबास, अलवर को गुलदस्ता सौंपा।

इस दौरान वृद्धा कमलेश ने खुशी में पर्स से 500 रुपए का नोट निकाल कर कलेक्टर की तरफ बढ़ा दिया और कई बार कलेक्टर से ये रुपए आशीर्वाद मानकर लेने का आग्रह किया। वृद्धा ने कहा कि मैं जल्दी अस्पताल में नहीं आती तो मर ही जाती। बाद में वृद्धा की खुशी के लिए इन रुपयों से मिठाई बांटी गई।

अस्पताल टीम अच्छा काम कर रही है : इंद्रजीत सिंह

जिला कलेक्टर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि डायबिटीज सहित कई बीमारियों से ग्रसित इस महिला को पॉजिटिव आने पर निजी अस्पताल ने रिस्क नहीं लिया और यहां रैफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर इसे आईसीयू में भर्ती कर इलाज किया गया। जिला अस्पताल की टीम बेहतर काम कर रही है।

निजी अस्पताल में भर्ती थी यह महिला : सुनील चौहान

पीएमओ सुनील चौहान ने बताया कि इस महिला की 11 जून को रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। यह निजी अस्पताल में भर्ती थी। वहां से इसे जिला अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। महिला को सांस लेने में तकलीफ के साथ शुगर लेवल अधिक था, इसलिए इसे आईसीयू में भर्ती कर इलाज किया गया।



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राजस्थान के अलवर में कोरोना से ठीक होने के बाद कलेक्टर को जबरदस्ती 500 रुपए देने की कोशिश करती बुजुर्ग महिला।
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