उपखंड क्षेत्र के बाशिंदों के लिए कोरोना काल में एक राहत की खबर मिली है। कोरोना की जांच के लिए अब तक कोटा से टीम बुलानी पड़ती है, ऐसे में चिकित्सा कर्मियों और आमजन का समय ज्यादा खराब होता है।
अब स्थानीय चिकित्सा विभाग ने प्रयास कर रामगंजमंडी उपखंड क्षेत्र में 5 कोरोना कियोस्क बनाए जा रहे हैं। अगले सप्ताह तक ये कियोस्क लग जाएंगे और यहां पर आमजन की कोरोना वायरस की जांच आसानी से हो सकेगी।
इतना ही नहीं इन बूथों पर आने वाले लोगाें को पूरी सुविधा दी जाएगी और कम समय में जांच हो जाएगी। अब कोरोना के लक्षण वाले लोगों को कोटा या झालावाड़ नहीं जाना होगा। सरकार की इस योजना का लाभ स्थानीय स्तर पर ही मिलेगा।
जानकारी के अनुसार कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या पिछले दिनों बढ़ी थी। इसे देखते हुए अब आसान तरीके से लोगों की जांच शुरू करने का फैसला किया है।. इससे कोरोना के संभावित मामलों को लेकर बेहतर तैयारी करने में मदद मिलेगी। कम से कम परेशानी में बड़ी संख्या में लोगों की जांच करने के लिए एक खास तरीका खोजा गया है। इसके लिए बूथ बनाए जा रहे हैं। इन बूथों की खासियत यह है कि यहां बिना संपर्क के लोगों की जांच की जा सकती है।

ऐसे होती है टेस्टिंग
विभागीय सूत्रों ने बताया कि कोरोना की जांच के लिए तैयार किए गए बूथ गुजरे जमाने के पीसीओ जैसे लगते हैं। ये एलुमिनियम और ग्‍लास के बने हैं। कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों को बूथ तक जाना पड़ता है। उन्हें (जिसका सैंपल लेना है) ग्‍लास एक्सटीरियर के बाहर खड़े होने के लिए कहा जाता है।

पब्लिक अनाउंसमेंट के जरिये व्यक्ति को उचित प्रक्रिया के बारे में बताया जाएगा। इसके बाद हेल्थकेयर वर्कर कियोस्क में प्रवेश करेगा। संदिग्‍ध मरीज और चिकित्सा कर्मी के बीच ग्लास की दीवार रहेगी। वे कियोस्क के अंदर से ही सैंपल ले लेंगे। इस तरह पूरी प्रक्रिया में कहीं भी संपर्क की गुंजाइश नहीं रहेगी।

पीपीई किट का इस्तेमाल बचेगा
विशेषज्ञों के अनुसार बेशक यह प्रक्रिया बेहतर है, क्योंकि इसमें कहीं भी चिकित्साकर्मी लोगों के संपर्क में नहीं आते हैं। छोटी जगह में बूथ के बन जाने से जगह की जरूरत भी कम होती है। चिकित्सासाकर्मी पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट यानी पीपीई के बहुत ज्यादा इस्तेमाल से भी बच जाते हैं। इनकी पहले से ही किल्लत है, इससे सोशल डिस्टेंसिंग का कारगर तरीके से पालन होता है। न ही बूथ को चलाने के लिए कई लोगों की जरूरत होती है।
भर्ती नहीं करेंगे, केवल जांच होगी

इस कोराेना बूथ पर केवल कोरोना की जांच की जाएगी। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार अभी तक लोगों में भ्रम है कि अगर हम जांच करवाने जाएंगे तो हमें वहां पर भर्ती कर लिया जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं है, इस बूथ पर केवल जांच होगी। इसकी जो भी रिपोर्ट आएगी, वह संबंधित व्यक्ति को मोबाइल पर बता दी जाएगी। अगर व्यक्ति पॉजिटिव है तो उसका इलाज किया जाएगा।

कोरोना बूथ पर बाहर से आने वालों की जांच भी की जाएगी
इस बूथ पर सरकारी अस्पताल के ओपीडी में आने वाले संदिग्ध लोगों की भी जांच की जाएगी। डॉक्टर अगर किसी व्यक्ति को संदिग्ध मानते हैं तो वह बूथ तक आएगा और उसका टेस्ट होगा। इसके अलावा बाहर से आने वाले लोगों की जांच भी यहीं पर की जाएगी।

लक्षण दिखते ही कराएं जांच
^यह सरकार की बेहतर योजना है। रामगंजमंडी उपखंड क्षेत्र में कोरोना जांच के लिए 5 कियोस्क बनाए जा रहे हैं। अगले सप्ताह तक रामगंजमंडी समेत हर ब्लॉक में इसका शुभारंभ कर दिया जाएगा। स्थानीय लोगों को बेवजह चक्कर नहीं काटने पड़ें और लोग लक्षण दिखने पर आसानी से जांच करवा सकें, इसलिए यह कियोस्क खोले जा रहे हैं। लोगों को जागरूक होकर लक्षण दिखते ही जांच के लिए आना चाहिए, ताकि परिवार सुरक्षित रहे सके।- डॉ. रईस खान, बीसीएमओ, रामगंजमंडी



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रामगंजमंडी. क्षेत्र में दो दिन बाद ऐसे कोरोना कियोस्क बनेंगे, जहां जाकर जांच करवा सकेंगे।
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