परिवार में एक के बाद एक और सदस्य काे काेराेना हाे जाए ताे परिवार की परेशानियां बढ़नी तय है। ऐसा ही जवाहर नगर निवासी मुकेश कुमार के साथ हुआ। अहमदाबाद से उनके रिश्तेदार पाली आए थे। उनसे मिलने 7 जून काे वे सिंधी काॅलाेनी गए। इसके तीन दिन बाद उन्हें बुखार आया ताे अस्पताल गए।

यहां काेविड टीम ने सैंपलिंग कर 12 जून काे संचेती धर्मशाला में क्वारेंटाइन कर दिया। शाम काे जब खाना खाने के बाद माेबाइल पर गाने सुन रहे थे, तब चिकित्सा विभाग की टीम ने बिना कुछ बताए ही अग्रसेन वाटिका में भर्ती कर दिया। वहां जाने के बाद पता चला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
मुकेश बताते हैं कि इसकी जानकारी मिलने पर पूरा परिवार डर गया। मैंने वीडियाे काॅलिंग कर सभी काे हिम्मत दिलाई। इसके बाद परिवार काे थाेड़ी हिम्मत मिली। मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव होने के कारण चिकित्सा विभाग की टीम ने 15 जून काे पूरे परिवार की सैंपलिंग की, जिसमें मां गंगा देवी की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई।

इससे परिवार काे दूसरा झटका लगा। चिकित्सा विभाग की टीम ने मां काे भी अग्रसेन वाटिका में भर्ती कर दिया। इस वार्ड में मैं पहले ही भर्ती था। हम दाेनाें एक-दूसरे की हिम्मत बढ़ाते। इसके चलते मां ताे दूसरी सैंपलिंग में ही निगेटिव आ गई। उन्हें 21 जून काे डिस्चार्ज भी कर दिया। तीन दिन बाद मुकेश की भी रिपोर्ट निगेटिव आ गई अाैर वे भी 24 जून काे घर पहुंच गए।

कोविड केयर सेंटर में गर्म पानी पीते, रोज याेग करते
मुकेश ने बताया कि काेविड केयर सेंटर में सुबह शाम सभी याेग करते। साथ ही 5 दिन तक दवा ली। ठंडे की बजाय गर्म पानी पीने लगे। नर्सिंग कर्मचारी भी लगातार हाैसला बढ़ाते रहे। 11 दिन में काेराेना ठीक हाे गया।



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