अब तक गांवों में पड़ाव डाल रही टिडि्डयों ने गुरुवार सुबह शहरी क्षेत्र में भी दस्तक दी। सुबह 8.30 बजे के करीब लाखों की तादाद में आई टिडि्डयां एक घंटे तक आसमान में मंडराती रही तथा रतनगढ़ शहर के हर क्षेत्र को अपने आगोश में ले लिया। बाद में हवाओं के रूख के साथ ही टिडि्डयां आगे बढ़ गई। टिडि्डयों का दल करीब छह किमी लंबाई व चार किमी चौड़ाई में फैला हुआ था। तहसील के गांव लूणासर में बुधवार शाम पड़ाव डालकर बैठी टिडि्डयों ने बुधवार सुबह उड़ान भरी तथा गांव भरपालसर व पायली होते हुए शहर में पहुंची। शहर में प्रवेश से पूर्व ही टिडि्डयों का झूंड दूर से ही नजर आने लगा तथा देखते ही देखते शहर के आसमान के ऊपर मंडराने लगा। इस दौरान लोगों ने छतों पर थाली, पीपे व पटाखे चलाकर टिडि्डयों को भगाने का भी प्रयास किया। टिड्डी दल करीब एक घंटे तक आसमान में मंडराता रहा तथा बाद में हवाओं के रूख के साथ चूरू की तरफ आगे बढ़ गया।
इधर, गांव लूणासर में कृषि विभाग की टीम ने प्रशासन व किसानों के सहयोग से रातभर रेस्क्यू की कार्रवाई करते हुए टिडि्डयों को नष्ट करने का प्रयास किया। तहसीलदार फारूक अली ने बताया कि बुधवार शाम 6 किमी लंबे व 4 किमी चौड़े टिड्डी दल ने सुजानगढ़ की ओर से क्षेत्र में प्रवेश किया। टिड्डी दल पड़िहारा होते हुए गांव लूणासर पहुंचा तथा शाम का अंधेरा होने के कारण गांव के आसपास के 400 हैक्टेयर भू-भाग पर पड़ाव डाला। सूचना पर सहायक कृषि अधिकारी सोहनलाल सेपट, जगदीशप्रसाद यादव, कृषि पर्यवेक्षक नवलकिशोर शर्मा व रेवेन्यू विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दमकल व ट्रैक्टर पर माउंटेड स्पेयर की सहायता से रात 11 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, जो सुबह छह बजे तक चला। रेस्क्यू टीमों ने कीटनाशक स्प्रे करके बड़ी संख्या में टिडि्डयों को खत्म किया।
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