काेराेनाकाल लाेगाें के जीवन में काफी बदलाव लाया है। इस समय हर व्यक्ति अपनी सेहत काे लेकर सजग रहने लगा है। किसी भी तरह के संक्रमण से बचने के लिए इम्यूनिटी पावर स्ट्रांग बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके चलते लाेगाें ने अपनी खान-पान की आदताें में परिवर्तन किए हैं। खुद को फिट रखने के लिए लाेग वीगन बन रहे हैं।
वीगन बनने का मतलब है कि इस तरह के लाेग नाॅनवेज और डेयरी प्राेडक्ट का इस्तेमाल नहीं करते। ये लाेग इन खाद्य पदार्थाें की जगह दूसरे प्राेडक्ट साेया मिल्क, टाेफू जैसी चीजाें काे डाइट में शामिल कर प्राेटीन की पूर्ति करते है। कई सेलिब्रिटी भी वीगन बन चुके हैं। वीगन बने लक्षित शर्मा ने बताया कि वह पिछले 4 महीने से वीगन डाइट ले रहे हैं। इससे शरीर में एनर्जी लेवल अच्छा रहता है। बिना नाॅनवेज के भी प्राेटीन की पूर्ति हाे जाती है और वजन बढ़ने जैसी परेशानियां भी नहीं हाेती।
शहर के कई कैफे में वीगन फूड मिलता है
शहर के एक कैफे के डायरेक्टर भव्यराज सिंह शक्तावत ने बताया कि पिछले 1 साल से वीगन फूड की डिमांड बढ़ी है। यूथ के साथ ही खुद को फिट रखने के लिए हर उम्र के लाेग इसे पसंद करते है। विदेशाें में अधिकतर वीगन फूड खाने का ही कल्चर हाेने से पर्यटक भी इसकी ही डिमांड करते है। शहर में एवाेकाडाे से बनी डिश और ज्यूस की मांग ज्यादा रहती है।
शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य के लिए संतुलित है वीगन डाइट
फिजियो डॉ. व्योम बोलिया ने बताया कि फिटनेस और इम्यून सिस्टम काे मजबूत करने के लिए इस समय वीगन डाइट महत्व बढ़ गया है। वीगन डाइट लेने वाले लोग एनिमल प्रोटीन, मिल्क प्रोडक्ट और नाॅनवेज नहीं खाते हैं। वीगन डाइट में मिल्क प्रोटीन के बजाय सोयाबीन, सोया मिल्क, केला, बादाम, शकरकंद और अन्य फल-सब्जियां लेते हैं।
इनसे शरीर को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, विटामिंस, मिनरल्स, फाइबर्स और एंटी ऑक्सीडेंट मिलते है। इस तरह की डाइट से शरीर में ऊर्जा का स्तर उच्च रहता है, थकावट नहीं होती, पाचन तंत्र सही रहता है और नींद भी अच्छी आती है। जाे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए सहायक है। इससे डायबिटिज, कार्डियक एलमेंट, ब्लड प्रेशर, श्वसन तंत्र और ब्लड सर्कुलेशन भी मजबूत होता है।
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