जीएसटी में रेगुलर रजिस्टर्ड करदाताओंके लिए मंगलवार का दिन बेहद परेशानी भरा रहा। कारण कि 24 जून काे जीएसटीआर-3 बी जमा कराने की अंतिम तिथि थी। कर सलाहकाराें के पास सुबह से ही व्यापारियाें के फाेन आने शुरू हाे गए। लेकिन जैसे ही रिटर्न भरने का काम शुरू हुआ, बीएसएनएल की ब्राॅडबैंड सेवा ठप हाे गई।

परेशानी यहीं समाप्त नहीं हुई। कर सलाहकार दिनभर विभाग के अधिकारियाें काे फाेन कर परेशानी बताते रहे, लेकिन एक ही जवाब मिलता कि आगे से बंद है। जल्द सेवा शुरू हाे जाएगी। दाेपहर 1 बजे सर्वर ठप हुआ जाे शाम 4:30 बजे बहाल हुआ। कर सलाहकार एडवाेकेट अभिषेक कालड़ा का कहना है कि अंतिम तिथि हाेने की वजह से अनेक व्यापारियाें की रिटर्न नहीं भरी जा सकी।

इसका खमियाजा भारी पैनल्टी के ताैर पर चुकाना पड़ेगा। इस पर बीएसएनएल के महाप्रबंधक एलसी सहारण ने बताया कि बीएसएनएल ब्राॅडबैंड सेवा बंद नहीं हुई थी, स्पीड कम हुई थी। इस तकनीकी खामी काे जाेधपुर व जयपुर के बीच दाे से ढाई घंटे के बीच सही कर दिया गया।
कालड़ा ने बताया कि जिनकी बिक्री 5 कराेड़ से अधिक थी उनकी फरवरी, मार्च व अप्रैल की जीएसटीआर-3 बी रिटर्न भरी जानी थी। इसमें 3 बी में टैक्स भी भरा जाता है। परेशानी की बात यह है कि इस दाैरान रिटर्न जमा नहीं कराने पर 18 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज व 50 रुपए प्रतिदिन जुर्माने का प्रावधान है।

यानी मंगलवार तक जिन व्यापारियाें की जीएसटीआर-3 बी रिटर्न नहीं भरी जा सकी, उन्हें बुधवार काे भी रिटर्न जमा करवाते हैं ताे पूरे 97 दिन का जुर्माना देना हाेगा। यह पैनल्टी 21 मार्च से 25 जून तक 50 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से लगेगी। यानी व्यापारियाें काे 10 हजार 500 रुपए तीन माह का जुर्माना चुकाना हाेगा। कालड़ा ने बताया कि मई माह की जीएसटीआर-3 बी रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 27 जून है।



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