उम्मेद क्लब में गवर्निंग काउंसिल के गठन को लेकर मौजूदा अध्यक्ष को छोड़कर सभी पूर्व अध्यक्ष इस बात पर सहमत हैं कि कार्यकारिणी का कार्यकाल पूरा होने के बाद गवर्निंग काउंसिल का गठन होना चाहिए और वर्तमान में भी यही स्थिति है।
वहीं कार्यकारिणी 2018-20 के निर्वाचित अध्यक्ष का कहना है कि संविधान के अनुसार 1 अप्रैल को गवर्निंग काउंसिल का गठन होना चाहिए और काउंसिल 45 दिन यानी 15 मई तक कार्य कर सकती है। यह समय बीत चुका है, तो गवर्निंग काउंसिल का गठन संभव ही नहीं है।
उम्मेद क्लब कार्यकारिणी 2018-20 का कार्यकाल गत 31 मार्च काे समाप्त हो गया। इस कार्यकारिणी के सचिव विनय कवाड़ ने तीन निवर्तमान पूर्व अध्यक्षों निर्मल भंडारी, सुशील तोषनीवाल व अनिल भंसाली को पत्र भेजा व गवर्निंग काउंसिल में शामिल होने की सहमति मांगी। इन्हें सहमति के आधार पर 1 अप्रैल से कार्यभार ग्रहण करना था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से कार्यभार ग्रहण नहीं हो पाया। राज्य सरकार की ओर से लॉकडाउन में राहत के बाद क्लब को 9 जून को शुरू कर दिया गया।
अब दो निवर्तमान अध्यक्ष निर्मल भंडारी व सुशील तोषनीवाल ने तो गवर्निंग काउंसिल सदस्य के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के लिए कहा, लेकिन कार्यकारिणी 2018-20 के निर्वाचित अध्यक्ष अनिल भंसाली का कहना है कि गवर्निंग काउंसिल का समय कार्यकारिणी के कार्यकाल के समाप्त होने के 45 दिनों में ग्रहण करना होता है, लेकिन यह समय बीत चुका है।
वहीं भास्कर ने क्लब के 6 पूर्व अध्यक्षों से बात की तो सभी का कहना था कि कार्यभार तो गवर्निंग काउंसिल को ही संभालना चाहिए।
‘पदाधिकारी संस्थान के संविधान से ऊपर नहीं, मिलकर विवाद निपटाएं’
कोई भी पदाधिकारी संस्थान से ऊपर नहीं
- कार्यकारिणी समिति के कार्यकाल समाप्त होने व अगली निर्वाचित कार्यकारिणी समिति के न होने की परिस्थितियों में क्लब संविधान अनुसार गवर्निंग काउंसिल का कार्यभार संभालना पूर्व अध्यक्षों का एक संवैधानिक कर्तव्य है। कोई भी पदाधिकारी संस्थान के संविधान से ऊपर नहीं हो सकता, जिसकी अनुपालना करना सभी पदाधिकारियों का संवैधानिक दायित्व है। - जगदीश तलवार
संविधान पालना नहीं हो तो कोर्ट की मदद लें
- मौजूदा हालातों में गवर्निंग काउंसिल को जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए, लेकिन कार्यभार सौंपा नहीं जा रहा है। मेरा मानना है कि किसी भी संस्थान में संविधान को मानना जरूरी है और उम्मेद क्लब देश का प्रतिष्ठित संस्थान है। कार्यकारिणी संविधान का उल्लंघन कर रही है तो सदस्यों को विरोध करना चाहिए और जरूरत हो तो न्यायालय की शरण लेनी चाहिए। - जे के बालानी
कार्यकाल के बाद पदों पर रहना असंवैधानिक
- गवर्निंग काउंसिल को कार्यभार सौंपा जाना चाहिए। कार्यकारिणी का 31 मार्च को कार्यकाल पूरा होने पर 8 जून के बाद गवर्निंग काउंसिल गठन की स्थिति बनी। काउंसिल का कार्यकाल कार्यभार संभालने के बाद 45 दिवस जरूर है, लेकिन इसके गठन की सीमा 15 मई तक संविधान प्रावधानों के तथ्यों से परे है। कार्यकाल समाप्त होने के बाद कार्यकारिणी का बने रहना अनुचित व असंवैधानिक है। - हरिगोपाल राठी
गवर्निंग काउंसिल को कार्यभार साैंपे
- कार्यकारिणी का कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो चुका है। संविधान के अनुसार 3 निवर्तमान अध्यक्षों की सहमति भी कार्यकारिणी को थी और तदनुसार निर्वाचित कार्यकारिणी द्वारा निवर्तमान अध्यक्षों की गवर्निंग काउंसिल को क्लब संचालन का कार्यभार सौंप दिया जाना चाहिए था। ऐसा नहीं करना क्लब संविधान का उल्लंघन है। कार्यकारिणी काे विचार कर कार्यभार सौंपना चाहिए। - सीआर भंसाली
मिलजुल कर संज्ञान लें विवाद को विराम दें
- उम्मेद क्लब कार्यकारिणी 2019-20 के सचिव कवाड़ के पत्र के आधार पर गवर्निंग काउंसिल सदस्य के रूप में सहमति दी थी, लेकिन कार्यकारिणी कार्यभार नहीं सौंपना चाहती। इस संबंध में एक अन्य पूर्व अध्यक्ष से भी चर्चा हुई और मैंने कार्यभार सौंपने के लिए पत्र भी भेजा। संस्था के हित में मिलजुलकर संज्ञान लेकर इस अवांछनीय विवाद को विराम देना चाहिए। संविधान के आधार पर निर्णय जरूरी है। - सुशील तोषनीवाल
लॉकडाउन में कैसे संभालते कार्यभार?
- कार्यकाल समाप्त होने के बाद मुझसे गवर्निंग काउंसिल सदस्य के रूप में कंसेंट मांगी तो मैंने सहमति दी। जब लॉकडाउन था और गवर्निंग काउंसिल कार्यभार संभाल ही नहीं सकती थी तो हम जाकर कैसे कार्यभार संभालते? कार्यभार संभालने की स्थिति 8 जून के बाद बनी है और अब हम कार्यभार सौंपने के लिए कह रहे हैं तो पदाधिकारियों का कहना है कि समय बीत गया, जो उचित नहीं है। - निर्मल भंडारी
गवर्निंग काउंसिल का समय तो 15 मई तक ही था
- उम्मेद क्लब के संविधान के हिसाब से चुनाव करवाने में असमर्थ होने पर 1 अप्रैल से गवर्निंग काउंसिल गठित होती है। इसके लिए सचिव ने 31 मार्च को सहमति मांगी थी, फिर लॉकडाउन हो गया। गवर्निंग काउंसिल 45 दिवस में नई कार्यकारिणी का चुनाव करवाती है। गवर्निंग काउंसिल का गठन कार्यकारिणी के चुनाव करवाने में असफल होने पर होता है, लेकिन चुनाव तो करवा रहे थे। वहीं इसका कार्यकाल 1 अप्रैल से 15 मई तक होता है, जो बीत चुका है। - अनिल भंसाली, अध्यक्ष, उम्मेद क्लब 2018-20
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