जिले के विभिन्न गांवों में लगातार टिड्डी दल पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। वे अंकुरित हो रही खरीफ फसल को इनसे बचाने की जुगत में लग गए हैं। कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, टिड्डीयों के झुंड बाड़मेर जैसलमेर जिलों से जोधपुर जिले में प्रवेश कर रहे है। शुक्रवार की रात जिले के ओसियां, फलोदी, बापिणी, लोहावट, भोपालगढ़, बिलाड़ा, देचू, बाप व बावड़ी ब्लॉक के 15 गांवों में टिड्डियों ने पड़ाव डाला था।
कृषि विभाग के उपनिदेशक वीरेंद्रसिंह सोलंकी ने बताया कि सूचना मिलने पर लोकेस्ट विभाग के साथ कृषि विभाग की टीमें रात में ही टिड्डियों के पड़ाव स्थलों पर पहुंची। सभी स्थानों पर शनिवार को सुबह चार बजे से ट्रैक्टरों पर लगे माउंटेन स्प्रेयर से केमिकल का छिड़काव कर नियंत्रण अभियान चलाया गया जो सुबह 8 बजे तक चला।
उन्होंने बताया कि ये सभी दल एक से 2 किलोमीटर क्षेत्र में फैले हुए थे। टिडडी दलों पर नियंत्रण के लिए एक ड्रोन व 68 ट्रैक्टर स्प्रेयर से 264 लीटर कीटनाशक दवाओं का घोल बनाकर छिड़काव किया गया। सोलंकी के अनुसार केमिकल छिड़काव से 60 प्रतिशत टिड्डियों का खात्मा हो जाता है। बाकि बची टिड्डियों के जिले के अन्य क्षेत्रों में पहुंचने के समाचार मिले है इनके पड़ाव स्थलों पर रविवार को केमिकल छिड़काव किया जाएगा।
कलाऊ में दो महीनों में दूसरी बार टिडि्डयों का हमला, कपास की अगेती फसल को नुकसान
कलाऊ क्षेत्र में टिडि्डयों के हमले ने किसानों की समस्या बढ़ा दी है। जैसलमेर के सीमावर्ती क्षेत्र में आग उगलने वाली गर्मी में कड़ी मेहनत के बाद अच्छी फसल की उम्मीद लगाकर बैठे किसानों की खरीफ की फसल चौपट होने से वे मायूस हैं। शुक्रवार को जैसलमेर की सीमा से आए टिड्डी दल ने कलाऊ, भींवसागर, सावलों की ढाणी सहित आसपास के क्षेत्र में पड़ाव डाला।
किसानों को जब इसका पता चला तो वे थाली, पीपा और पटाखे लेकर खेतों में पहुंच गए और इन्हें उड़ाने का प्रयास किया। लेकिन भीवसागर के खेतों में बोई अगेती कपास, मूंगफली की फसलों को नुकसान हो गया। प्रगतिशील किसान एवं पूर्व सरपंच सवाई राम सारण ने बताया की कलाऊ गांव सिंचित क्षेत्र होने के कारण टिड्डियोंका हब बनता जा रहा है।
पिछले दो महीने में दूसरी बार टिडि्डयों ने हमला किया है। उन्होंने बताया कि किसानों के सहयोग से टैक्टर स्प्रै मशीनों से छिड़काव कर काफी मात्रा में टिडि्डयों का खात्मा करने में सफलता मिली है। लेकिन जैसलमेर की सीमा पार से आ रही टिड्डियां रूकने का नाम नहीं ले रहीं।
लोहावट. क्षेत्र के एक दर्जन गांवों में शुक्रवार को टिडि्डयों के बड़े दलों ने पड़ाव डाला। टिडि्डयों के पहले दल का पड़ाव लोहावट कस्बे के पास डाबलिया लंूबनगर गांव मे रहा। उसके बाद टिडि्डयां लोहावट बाजार के उपर मंडराकर चारों और फैल गईं।
टिडि्डयों ने विशनावास, सिगड़सरनगर,जंभेश्वरनगर, मूलराज, हंसादेश, भजननगर, थाटानगर, विष्णुनगर, जाटाबास, रूपाणा, जैताणा गांवो मे टिड्डी दल ने उगती फसल को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान कृषि अधिकारी की टीम इन्हें मारने का प्रयास करती रहीं। वहीं किसानों ने भी थाली व बर्तन बजाकर टिड्डियों को कुछ जगह से उड़ाया।
टिडि्डयों पर नियंत्रण के लिए 55 नए वाहन खरीदे, 60 नई मशीनें होंगी आयात

टिड्डी चेतावनी संगठन के संयुक्त निदेशक संजय आर्य ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा टिड्डी नियंत्रण हेतु ड्रोन द्वारा रासायनिक कीटनाशकों के छिड़काव की विशेष अनुमति प्रदान की गई है। विभाग द्वारा 55 नए वाहन खरीदे गए हैं तथा 60 नई मशीनें आयात की जा रही है|
आर्य ने बताया कि टिड्डी नियंत्रण कार्यक्रम में कृषि विभाग तथा किसानों की सक्रियता एवं सहभागिता तथा अन्य सभी विभागों से टिड्डी की उपस्थिति, संख्या की जानकारी तुरंत उपलब्ध होने पर नियंत्रण कार्यक्रम की रूपरेखा बनाकर प्रभावी नियंत्रण किया जाएगा।
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