थायराइड को हमारे देश में गंभीर बीमारी नहीं समझा जाता है लेकिन जो महिला गर्भधारण की योजना बना रही हैं या गर्भवती है, ये हार्मोनल असंतुलन उनकी चिंता बढ़ा सकता है। इससे प्राकृतिक गर्भधारण में परेशानी होती है। 30 वर्ष के बाद महिलाओं में यह समस्या अधिक सामने आती है, ऐसी स्थिति में नई तकनीक से मां बना जा सकता है।

यह बात आईवीएफ मैन आफ इंडिया डॉ. अजय मुर्डिया ने सिरसा सेंटर के शुभारंभ के अवसर पर कहीं। ग्राउंड फ्लोर, वासन कॉम्पलेक्स, डबवाली रोड में पूर्ण सुरक्षा उपायों के साथ आईवीएफ केन्द्र की शुरूआत होने पर इन्दिरा आईवीएफ ग्रुप के चेयरमैन डॉ. मुर्डिया ने बताया कि दंपतियों को रियायती दरों में उपचार मुहैया करवाने के लिए देश में 92वां सेंटर की शुरूआत की है।

ग्रुप के सीईओ डॉ. क्षितिज मुर्डिया ने कहा कि बांझपन का उपचार किया जा सकता है । मार्गदर्शन तथा जागरूकता के उद्देश्य से निःसंतान दंपतियों को निशुल्क परामर्श शिविर 30 जून तक लगाया गया है जिसमें ऑनलाइन फोन के माध्यम से अपॉइंटमेंट बुक करवाया जा सकता है।



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