काेराेना काल में साेने के दाम में रिकाॅर्ड तेजी आई है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार में लगने वाले समय काे देखते हुए साेने व चांदी के निवेश पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। यही कारण है कि शुक्रवार व गुरुवार काे शुद्ध साेने का दाम 50500 रुपए प्रति10 ग्राम पहुंच गया है। 19 मार्च काे साेने का दाम 40800 रुपए प्रति 10 ग्राम था। यानी 112 दिनाें में साेना 9700 रुपए/10 ग्राम महंगा हाे गया।
पिछले दाे दिनाें से साेने का यह अभी तक के इतिहास में साेने का सबसे ज्यादा रेट है। हालांकि 1 जुलाई काे भी साेने का दाम 50000 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गया था। इतने कम समय में साेने के दाम में इतनी बढ़ाेतरी भी अपने आप में एक नया रिकाॅर्ड है। ज्वैलर दीपक कट्टा ने बताया कि काेराेना से पहले साेना 39000 और 40000 रुपए प्रति 10 ग्राम के बीच चल रहा था। देश में काेराेना के केस आए ताे साेना 40500 से 40800 रुपए तक ही था।

उसके बाद बाजार बंद हाे गए। 20 मई से दाेबारा बाजार खुले और रेट आना शुरू हाे गई। उस दिन साेना 46850 रुपए प्रति 10 ग्राम हाे गया। स्थानीय डिमांड कम है, इसके बावजूद रेट में तेजी है। साेना के भाव में तेजी बनी हुई है पर स्थानीय स्तर पर अधिक खरीद भी नही हाे रही है। आखिर साेने की खरीदारी कहां हाे रही है।

सर्राफा व्यापार समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण खंडेलवाल बताते हैं कि साेने के भाव में तेजी का कारण अमेरिका का शेयर बाजार कमजाेर हाेना। साेना व चांदी में निवेश काे अधिक सुरक्षित माना जाना और क्रूड ऑयल के भाव में कमी आना भी माना जा रहा है। खंडेलवाल मानते हैं कि स्थानीय स्तर पर साेने व चांदी की मांग उतनी नहीं है ओर व्यापार भी उतना नहीं हाे रहा है जितने की भावाें में तेजी से लग रहा है। भाव तेज हाेनेे के कारण स्थानीय व्यापार कम हाे रहा है। शुक्रवार काे प्रति दस ग्राम शुद्ध साेने के भाव 50500 रुपए, जेवराती साेने के भाव 48000 रुपए और चांदी के भाव 51500 रुपए प्रति किलाे रहे।

वैश्विक स्तर पर डिमांड बढ़ने से बढ़ी कीमत
जेवरात व्यवसाय के विशेषज्ञाें के अनुसार काेराेनाकाल में वैश्विक स्तर पर साेने की डिमांड में रिकाॅर्ड तेजी आई है। इस वजह से साेने के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। काेराेना की वजह से दुनियाभर के शेयर मार्केट समेत निवेश के सारे विकल्पाें में गिरावट आई है। इसलिए निवेश के लिए साेना सबसे सुरक्षित माना जा रहा है। इस वजह से कीमतें लगातार बढ़ रही है।

20 साल में 46200/10 ग्राम महंगा हुआ साेना

साेने में हमेशा तेजी रहती है। इसलिए साेना खरीदना हमेशा से मुनाफे का साैदा रहा है। साल 2001 में साेने के दाम 4300 रुपए/10 ग्राम थे। 2005 में यह बढ़कर 7000 रुपए हाे गया। 2010 में 18500 रुपए और 2015 में बढ़कर 26343 रुपए दस ग्राम हाे गया। अब 2020 में यह 50500 रुपए तक पहुंच गया। यानि हर पांच साल में 30 से 50 फीसदी की बढ़ाेतरी साेने के दामाें में हुई हुई।



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There is no demand at the local level, in the lockdown, the rate of 10 gm can be increased by Rs.
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