राजस्थान आवासन मंडल में भू-पट्टी आवंटन के नाम पर कई पुराने कब्जों को क्लियर किया जा रहा है। कभी अतिक्रमण मानकर नोटिस देने वाला मंडल ना केवल भूखंड की साइज को बढ़ा कर बड़ा कर रहा है, बल्कि भू-पट्टी के जरिये अतिक्रमण नियमित करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। आवासन मंडल द्वारा अभी भू-पट्टी आवंटन अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन चौहाबो में इसकी आड़ में अतिक्रमण को नियमित करने का प्रयास किया जा रहा है।
ऐसे में 16 सेक्टर में मकान नंबर 544 को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जब यह भूखंड आवंटन हुआ था ताे मालिक ने दरवाजा, खिड़की पास की जमीन पर खोल दिए थे। इस पर कई शिकायत आई। मंडल ने भी माना था कि यह अतिक्रमण है, लेकिन इसे हटाने की कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कुछ समय पहले मंडल ने अपने खाली पड़े भूखंड 545 पर बाउंड्रीवाल बना दी थी, ताकि कोई अतिक्रमण ना करे। तब पता चला कि 544 नंबर के भूखंड के दरवाजे-खिड़कियां 545 भूखंड में आ रही हैं। शिकायत भी हुई, लेकिन नोटिस देने के बावजूद मंडल ने सख्त कदम नहीं उठाया। पूरा मामला 8 से 12 वर्गमीटर का है और क्षेत्र में एक वर्गमीटर की कीमत करीब एक लाख रुपए है। अफसर इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।
यह निकाला रास्ता
अफसरों ने अतिक्रमण को नियमित करने के प्रयास शुरू किए हैं। विभाग ने मार्च 2020 तक नोटिस दिए। लॉकडाउन में मामला निपटाने के प्रयास शुरू हुए। भूखंड 16/545 का क्षेत्रफल 243.075 वर्गमीटर था, लेकिन 545 व 546 भूखंड संख्या को मिलाकर 524.26 वर्गमीटर का भूखंड बनाया, क्षेत्र में 210 वर्ग मीटर के भूखंड ही काटे हुए हैं। यह इसलिए किया, ताकि अतिक्रमण करने वाले भूखंड मालिक को भू-पट्टी के नाम पर आवंटन किया जा सके।
मुख्यालय के आदेश पर कार्रवाई की
- भू-पट्टी अभियान के तहत आवेदन किए हैं। अन्य कोई आवेदन आया है तो चैक करेंगे। अभी तक किसी को आवंटन नहीं किया। दो भूखंड मिलाने की बात है तो यह मुख्यालय के निर्देश पर किए। -नरेंद्र बोहरा, मुख्य अभियंता, आवासन मंडल
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