आईआईटी के बाद अब एनआईटी, ट्रिपलआईटी और जीएफटीआई में भी 12 में 75 प्रतिशत अंकाें की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। एचआरडी मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट करके बताया कि एनआईटी, ट्रिपलआईटी एवं जीएफटीआई में प्रवेश के लिए केवल 12वीं पास हाेना ही पर्याप्त हाेगा।
इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन-2 1 से 6 सितंबर के बीच प्रस्तावित है। इसमें 9 लाख से अधिक स्टूडेंट्स के बैठने की संभावना है। पिछले साल तक आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपलआईटी एवं जीएफटीआई में प्रवेश के लिए 12वीं में सामान्य एवं ओबीसी श्रेणी के लिए 75 प्रतिशत अंक या बाेर्ड के टाॅप-20 पर्सेंटाइल में शामिल हाेना जरूरी था।
एससी, एसटी एवं शारीरिक विकलांग के लिए 65 प्रतिशत अथवा श्रेणी अनुसार टाॅप-20 पर्सेन्टाइल अनिवार्य था। इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते स्टूडेंट्स को इससे रियायत दी गई है। कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा के अनुसार 31 एनआईटी, 25 ट्रिपलआईटी एवं 28 जीएफटीआई की कुल 30 हजार 804 सीटों के लिए बोर्ड पात्रता हटाने से उन स्टूडेंट्स को बड़ी राहत मिलेगी, जो जेईई मेन में रैंक आने के बावजूद बोर्ड पात्रता के कारण इन काॅलेजों में प्रवेश लेने से वंचित रह जाते थे।
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