हाईकोर्ट के आदेश की पालना करते हुए प्रशासन साेमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात करीब 3 बजे आधा दर्जन जेसीबी और 6 थानाें का जाब्ता लेकर सारंगवास नदी पहुंचा और अतिक्रमण ध्वस्त किए। इस दाैरान ग्रामीण साे रहे थे, जिससे उन्हें कार्रवाई की भनक तक नहीं लगी।

प्रशासन ने नदी से रिक्तिया भैरूजी मंदिर, श्वान की मूर्ति सहित ट्रस्ट द्वारा निर्माण करवाया गया सुलभ शौचालय एवं धर्मशाला व पर्यटन विभाग के रंगमंच को ध्वस्त कर नदी को अतिक्रमण मुक्त कर दिया। प्रशासन की कार्रवाई से श्री सोनाणा खेतलाजी ट्रस्ट को करीब एक करोड़ का नुकसान हुआ।

करीब 6 घंटे तक चली अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कोई विवाद नहीं हो इसको लेकर पुलिस प्रशासन ने सभी रास्तों को बेरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया। वहीं रिक्तिया भैरूजी एवं श्वान की मूर्ति को पुलिस ने सुरक्षित थाने में रखवाया है। उल्लेखनीय है कि सारंगवास खेतलाजी नदी में रिक्तिया भैरूजी मंदिर के सामने 10 नवंबर 2017 को भक्तों एवं सारंगवास गांव के ग्रामीणों ने मिलकर श्वान की मूर्ति की स्थापना की थी, जिसका खेतलाजी पुजारी परिवार के कुछ सदस्यों ने विरोध किया था।

इसी बीच सारंगवास निवासी रणजीतसिंह राजपुरोहित ने उच्च न्यायालय में नदी में अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर याचिका दायर की। पुजारी परिवार एवं ग्रामीणों में रिक्तिया भैरूजी मंदिर एवं स्वान मूर्ति को लेकर विवाद था। वहीं, सारंगवास खेतलाजी नदी में भक्तों की सुविधा को लेकर ट्रस्ट की ओर से सुलभ शौचालय एवं धर्मशाला के रूप में कमरों का निर्माण करवाया गया। साथ ही पर्यटन विभाग की ओर से गोडवाड़ महोत्सव को लेकर रंगमंच का निर्माण करवाया गया था।

हाईकोर्ट ने माना नदी में अतिक्रमण, 12 जुलाई तक पालना रिपोर्ट पेश करने के दिए थे निर्देश

उच्च न्यायालय ने रणजीत सिंह राजपुरोहित की ओर से दायर याचिका पर 19 फरवरी 2020 को सारंगवास नदी के खसरा नंबर 55 एवं 57 में मौजूद अतिक्रमण 15 अप्रैल तक अतिक्रमण हटाकर पालना रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने के आदेश जारी किए थे।

इसके बाद से ही प्रशासन के हाथ पैर फूलने लगे। अधिकारियों ने विवाद को शांतिपूर्वक समाप्त करने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन दोनों तरफ से लोग अपनी बात पर अड़े रहे। इसी दौरान लॉकडाउन लग गया और कार्रवाई टलती रही। इस बीच हाईकोर्ट ने प्रशासन काे 12 जुलाई तक अतिक्रमण हटाने के निर्देश दे दिए।

कार्रवाई के दाैरान विवाद की आशंका काे देखते हुए प्रशासन ने पूरी योजना काे गुप्त रखा। इसके बाद साेमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात आधा दर्जन जेसीबी व ट्रैक्टरों काे देसूरी थाने पर एकत्रित किया। उसके बाद छह थानाें के 50 व पुलिस लाइन पाली से भी 50 पुलिसकर्मियों काे बुलाकर जाप्ता तैयार किया। सारंगवास गांव आने वाले सभी रास्तों को बेरिकेड्स से बंद कर दिया गया।

करीब 2.30 बजे देसूरी तहसीलदार माधोराम पुरोहित व थानाधिकारी भंवरसिंह जाखड़ पुलिस जाप्ता सहित जेसीबी एवं ट्रैक्टर लेकर सारंगवास नदी में पहुंचे और पूरी कार्रवाई शुरू की, जाे सुबह 9 बजे तक चली। कार्रवाई में भू-निरीक्षक मोहनलाल मेघवाल सहित कार्मिक भी उपस्थित थे।

श्वान की मूर्ति लगाने के बाद शुरू हुआ था विवाद
सारंगवास नदी में सभी ग्रामीणों ने मिलकर रिक्तिया भैरूजी मंदिर की स्थापना की थी, जिसकी वर्षों से ग्रामीणों की ओर से पूजा-अर्चना की जा रही थी। इसे लेकर किसी प्रकार का विवाद नहीं था। मगर 10 नवंबर 2017 काे मंदिर के सामने श्वान की मूर्ति की स्थापना करने के बाद खेतलाजी पुजारी परिवार के कुछ सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद से ग्रामीणों एवं पुजारी परिवार के बीच विवाद चल रहा था।

तहसीलदार-थानाधिकारी ने पहले पूजा-अर्चना की
सारंगवास नदी में स्थापित रिक्तिया भैरूजी मंदिर एवं श्वान की मूर्ति को हटाने से पूर्व देसूरी तहसीलदार एवं थानाधिकारी ने रात तीन बजे पूजा-अर्चना की। कार्रवाई काे हाईकोर्ट का अादेश बताते हुए क्षमायाचना के बाद कार्रवाई शुरू की। रिक्तिया भैरूजी मंदिर एवं श्वान विवाद से ट्रस्ट की संपति को भी ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई से ट्रस्ट को भी करीब एक करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

  • सारंगवास नदी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रशासन ने की। आना पंचायत को काेई सूचना नहीं दी गई। -रेखा जणवा, सरपंच आना
  • कार्रवाई के दौरान कोई विवाद नहीं हुअा। बाली सर्किल सहित लाइन से 100 पुलिसकर्मियों को बुलाया गया था। -भंवरसिंह जाखड़, थानाधिकारी देसूरी
  • खसरा नं. 55 एवं 57 से अतिक्रमण हटाने के लिए हाईकोर्ट का आदेश था। प्रशासन ने अतिक्रमण हटा दिए है। -माधोराम पुरोहित, तहसीलदार, देसूरी


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Villagers were sleeping, thunder JCB in Sarangwas river at 3 o'clock, encroachment destroyed in 6 hours
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