प्रदेश में रिक्त पड़े पदों पर नियुक्तियां देने में सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। विश्वविद्यालयों के कुलपति की नियुक्ति को लेकर भी अभी तक निर्णय नहीं हो पाया है। अब तकनीकी शिक्षा निदेशक का पद भी खाली हो चुका है।
तकनीकी शिक्षा निदेशालय जोधपुर में होने के कारण प्रदेशभर के 80 हजार स्टूडेंट्स की जिम्मेदारी भी रहती है। तकनीकी शिक्षा में नए नवाचार के साथ रोजगारोन्मुखी कोर्सेज चलाने के लिए प्रयत्न किए जा रहे हैं। इसके लिए बाकायदा पूरा निदेशालय का सेटअप है।
जोधपुर में इस पद पर दरिया सिंह यादव कार्यरत थे, जिनका कार्यकाल 30 जून को पूर्ण हो गया। उसके बाद से अब तक सरकार की ओर से इस पद पर स्थाई नियुक्ति के आदेश नहीं आए हैं। इधर, 30 जून को सेवानिवृत्ति के पश्चात सरकार ने यादव को 6 माह का एक्सटेंशन देने का पत्र भी दिया, लेकिन उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला देकर 1 जुलाई को पद ग्रहण करने से इनकार कर दिया।
इस पद के लिए कई जनों ने जयपुर तक की रेस शुरू कर दी है। सरकार की ओर से इस पद पर स्थाई नियुक्ति को लेकर स्पष्टता नजर नहीं आ रही है। 9 जुलाई को तकनीकी शिक्षा के जॉइंट सेक्रेट्री अनिल कुमार अग्रवाल को चार्ज सौंपने के निर्देश आए हैं।
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