काेराेना महामारी का असर मिट्टी की गणेश प्रतिमा व्यवसाय से जुड़े लाेगाें पर भी पड़ा है। ऑर्डर नहीं मिलने के कारण इन्हाेंने इस बार प्रतिमा बनाने का काम शुरू नहीं किया है। जिन लाेगाें ने पहले प्रतिमाएं बना ली, उन्हाेंने प्रतिमाओं काे अभी अंतिम रूप नहीं दिया है।
काेराेना के कारण गणेश चतुर्थी पर सार्वजनिक रूप से आयाेजित हाेने वाले गणपति महाेत्सव का लेकर अभी संशय है। माना जा रहा है कि इस बार घराें में ही गणपति महाेत्सव मनाया जाएगा। इनमें 6 व 8 इंच, 1 फुट की गणेशजी की छाेटी प्रतिमाएं पूजन के काम आएंगी। सार्वजनिक रूप से आयाेजित हाेने वाले गणपति महाेत्सव में पांडाल में 5 फुट तक की बड़ी प्रतिमाएं विराजमान की जाती हैं। मिट्टी शुभ और घुलनशील हाेती है। इस कारण गणपति महाेत्सव के दाैरान मिट्टी की प्रतिमाओं की मांग हाेती है।
ऑर्डर मिले ताे बनाएं गणेश प्रतिमाएं
चांवड़ पाड़ी माेहल्ला निवासी इमरती देवी का कहना है दाे पीढ़ियां मिट्टी के गणेशजी की प्रतिमाएं बनाने के काम से जुड़ी हैं। गणेश चतुर्थी से डेढ़ दाे महीने पहले प्रतिमाएं बनाने का काम शुरू हाे जाता था। 10-12 घंटे तक काम करते थे, तब भी ऑर्डर पूरे नहीं थे। काेराेना के कारण इस बार कामधंधा चाैपट हाे गया है। अभी तक ऑर्डर नहीं मिलने से गणेशजी की प्रमिमाएं बनाने का काम शुरू नहीं किया है। लगता है कि इस बार बड़े स्तर पर आयाेजन नहीं हाेंगे। इसलिए 6 इंच से लेकर 1 फुट तक की प्रतिमाएं गणेश चतुर्थी से 15 दिन पहले बनाएंगे।
देश-विदेश में 10 हजार प्रतिमाएं जाती थीं, इस बार नहीं मिला ऑर्डर
स्वर्ग राेड निवासी रामकिशाेर प्रजापति का कहना है कि 10 वर्षाें से उनका परिवार मिट्टी की गणेश प्रतिमा बनाने का काम करता है। 12 महीने 6 इंच से लेकर 5 फुट तक की प्रतिमाएं घर पर ही बनाते हैं। इनमें गुलाब के फूल, चाैकी या पत्ते पर अथवा चूहे पर बैठे, एक पैर पर खड़े, मुकुट या साफा वाले सहित 36 तरह की गणेशजी की प्रतिमाएं बनाते हैं। साइज के हिसाब से एक प्रतिमा की कीमत 100 रुपए से 15000 रुपए तक हाेती है।
प्रतिमा बनाने के लिए चिकनी मिट्टी काम में ली जाती है, जाे राजगढ़ से मंगाते हैं। बड़ी प्रतिमा बनाने में 7 से 10 दिन का समय लगता है। इस साल फरवरी में आखिरी बार गणेशजी प्रतिमाएं आस्ट्रेलिया भेजी थी। इसके बाद काेराेना के कारण ऑर्डर आना बंद हाे गए। हर बार दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, आस्ट्रेलिया आदि जगहाें पर करीब 10 हजार प्रतिमाएं जाती थीं। अभी तक गणपति महाेत्सव पर पांडाल में लगाई जाने वाली बड़ी प्रतिमाओं के ऑर्डर नहीं आए हैं।
नहीं आए प्रतिमा बनाने वाले कारीगर
गणेश चतुर्थी के लिए दाे महीने पहले से खुदनपुरी और 200 फुट राेड पर भी गणेश प्रतिमाएं बनाने का काम शुरू हाे जाता था। खुदनपुरी में अन्य राज्याें के कारीगर आकर गणेश प्रतिमाएं बनाते थे। काेराेना संक्रमण के चलते इस बार ये प्रतिमा बनाने वाले नहीं आए हैं। 200 फुट पर गणेश प्रतिमा बनाने वाला कहीं अन्यत्र चला गया है।
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