यदि सबकुछ ठीकठाक रहा ताे काेटा मेडिकल काॅलेज में मंगलवार से प्लाज्मा थैरेपी शुरू कर दी जाएगी। इसे लेकर ब्लड बैंक के स्तर पर सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। कुछ किट्स मंगवाए गए हैं, जाे साेमवार तक काेटा पहुंच जाएंगी। किट के लिए ब्लड बैंक से एक कर्मचारी काे भेजा गया है। इसी बीच, अच्छी खबर यह है कि काेराेना से रिकवर हाे चुके शहर के कई जागरूक लाेगाें ने प्लाज्मा डाेनेट करने की इच्छा जताई है।
प्रिंसिपल डाॅ. विजय सरदाना ने बताया आईसीएमआर सहित तमाम संस्थाएं स्वीकार कर चुकी कि काेविड के गंभीर मरीजाें में प्लाज्मा देने का अच्छा रिस्पाेंस मिल रहा है। हमारे यहां काेविड मरीज बहुत सीरियस नहीं हाे रहे, लेकिन इक्कादुक्का हाे रहे हैं ताे उन्हें उक्त थैरेपी देकर जल्दी रिकवर कर पाएंगे। इसे लेकर हम उन सभी लाेगाें की मदद चाहेंगे, जाे काेविड से रिकवर हाे चुके हैं।
काेटा में ही अब तक करीब 800 मरीज स्वस्थ हाेकर घर लाैट चुके हैं। इसके अलावा बूंदी व बारां के भी बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज पाकर गए हैं। भास्कर उन सभी मरीजाें से अपील करता है कि वे खुद पहल करें और प्लाज्मा डाेनेट करने के लिए आगे आएं। क्याेंकि यह पहल कई मरीजाें की जान बचाएगी।
भास्कर नॉलेज : दो बार निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद 15 से 28 दिन में डाेनेट कर सकते हैं प्लाज्मा
- रिकवर हो चुके कोरोना मरीज प्लाज्मा डोनेट कर सकेंगे, दो बार टेस्ट में निगेटिव होने के बाद 15 से 28 दिन के बीच प्लाज्मा डोनेट कर सकता है।
- डोनेट करने वाले का पहले एंटीबॉडी टेस्ट किया जाएगा, जिससे यह पता लगे कि उसके प्लाज्मा में अच्छी खासी
एंटीबॉडी मौजूद है, यदि नहीं होगी तो फिर उसका प्लाज्मा दूसरे मरीज को देने का कोई फायदा नहीं होगा।
रिकवर हो चुके मरीज से लिए गए प्लाज्मा को कोविड संक्रमित मरीज को दिया जाएगा, जिससे उसके शरीर में वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी पहुंच जाएगी और वह वायरस को तेजी से नष्ट कर पाएंगी।
देशभर में इसके बेहतर परिणाम सामने आए हैं। कई गंभीर मरीजों को इस थैरेपी से बचाया जा सकेगा। किस मरीज को प्लाज्मा डोनेट करना है, यह मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ तय करेंगे।
डाेनेट करने से पहले जरूरी टेस्ट होंगे
ब्लड बैंक प्रबंधन के मुताबिक, काेविड हाेने के बाद जैसे ही काेई मरीज रिपीट टेस्ट में नेगेटिव हाे जाता है, वह 15 से 20 दिन बाद प्लाज्मा डाेनेट कर सकता है। डाेनेशन से पहले उसके जरूरी टेस्ट हाेंगे, ताकि यह पता लग सके कि उसका प्लाज्मा यूजफुल है या नहीं।
पहले डाेनेट करूंगा, तैयार हूं : डाॅ. साकेत
काेराेना काे मात दे चुके काेटा के सीनियर कार्डियाेलाॅजिस्ट डाॅ. साकेत गाेयल ने भास्कर से कहा कि काेटा में जिस दिन से काेराेना के लिए प्लाज्मा डाेनेशन शुरू हाेगा, सबसे पहले मैं देने काे तैयार हूं। इससे बढ़िया सेवा क्या हाेगी कि मेरे प्लाज्मा से किसी दूसरे ऐसे ही मरीज काे जीवनदान मिलेगा। आज मैंने कुछ ग्रुपाें पर इसे लेकर चर्चा देखी ताे खुद ही इच्छा भी जता दी।
काेराेना मरीजाें के लिए शुरू किया प्लाज्मा डाेनेशन अभियान
कोटा मेडिकल कॉलेज कोविड-19 के उपचार के लिए प्लाजमा थेरेपी के अनुमति मिल गई है। दूसरी तरफ बढ़ी संख्या में मरीज भी लगातार अब सामने आने लगे हैं। इसको लेकर हाड़ौती विकास मोर्चा ने प्लाज्मा डोनेट करवाने के लिए अभियान शुरू किया है। पहला प्लाजमा डाेनेशन डाॅ. साकेत गाेयल साेमवार काे करेंगे। विकास मोर्चा के संभाग अध्यक्ष राजेंद्र सांखला ने बताया कि साथ ही पहले डोनर बनने के लिए कोरोना से स्वस्थ हुए और शहर के प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. साकेत गोयल आगे आए हैं।
स्वस्थ होकर लौटे लोगों से कर रहे हैं संपर्क
मोर्चा के संभागीय अध्यक्ष सांखला ने प्रशासन से कोरोना को मात देकर लौटे लोगों की सूची ली है। इस सूची के आधार पर लोगों से संपर्क कर उन्हें मोटिवेट किया है। ताकि कोरोना से स्वस्थ हुए लोगों में से प्लाजमा थेरेपी प्रोटोकॉल के लिए फिट व्यक्तियों को प्लाज्मा डोनेशन के लिए तैयार किया जाए। इन चिन्हित मरीजों को सोमवार से ही प्लाज्मा डोनेट करवाने के लिए एमबीएस ले जाया जाएगा।
कोरोना जांच के बाद लेंगे प्लाज्मा
अभियान को लेकर मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने एमबीएस अस्पताल अधीक्षक डॉ. नवीन सक्सेना से रविवार को मुलाकात की। इसमें तय किया गया है कि प्लाज्मा डोनर का पहले कोरोना टेस्ट किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मरीजों से प्लाज्मा लिया जाएगा। साथ ही मरीजों से प्लाज्मा लेने व उसे किस तरह से प्रिजर्व रखा जाएगा। अस्पताल के सेंट्रल लेब व ब्लड बैंक में पूरी तैयारी इसके कर ली है। इस मीटिंग में सेंट्रल लैब इंचार्ज डॉ राकेश सिंह मौजूद रहे।
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