रेलवे कॉलोनी थाने में हुए 20 हजार के घूसकांड में फरियादी ने सीआई और होटल व्यापारी को निर्दोष बताया है। फरियादी का कहना है कि उक्त मामले में कोर्ट व अन्य जगह उसने कोई ई-मेल नहीं किया। इस मामले में सीआई बेकसूर है। इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
दरअसल, एसीबी कोटा ग्रामीण ने 16 जुलाई को रेलवे कॉलोनी थाने के एएसआई गोविंद सिंह को 20 हजार रुपए लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। घूस मारपीट के एक मामले में नाम शामिल नहीं करने और गिरफ्तारी नहीं करने की एवज में ली गई थी। इस प्रकरण में शुक्रवार को कोर्ट में सीआई हंसराज मीणा और बिचौलिए महेन्द्र की भूमिका की जांच के लिए ई-मेल से भी शिकायत की गई।
जिस पर कोर्ट ने एसीबी कोटा ग्रामीण को जांच के आदेश दिए। जब ई-मेल भेजने की जानकारी फरियादी टीपू को लगी तो वो हैरत में पड़ गया, क्योंकि उसने मेल नहीं किए थे। टीपू ने बताया कि उसने न मेल किए और न ही शिकायत दी। इस संबंध में एक स्टांप लिखकर नोटेरी के माध्यम से उसने एसीबी में पेश किया।
दरअसल, उक्त ई-मेल भीमगंजमंडी के हिस्ट्रीशीटर अमनदीप सिंह उर्फ राजा ने किए थे। ऐसा उसने इस मामले में व्यापारी और सीआई को फंसाने के लिए किया।
राजा, हिस्ट्रीशीटर सतविन्दर उर्फ काजू सरदार व एक अन्य के खिलाफ व्यापारी महेन्द्र ने कुछ दिनों पहले फिरौती मांगने का केस दर्ज करवाया था। जांच में दोषी पाया गया तो सीआई ने राजा को गिरफ्तार किया था। अब एसीबी मामले की जांच कर रही है और राजा व अन्यों को तलब किया है।
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