राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होने की फर्जी फोटो तैयार करने में आरोपी राहुल राठी की मदद करने के सह आरोपी सूरत के हार्दिक सुतारिया को भी जमानत नहीं मिली। सुतारिया पर फोटो एडिटिंग करने का आरोप है। एडीजे कोर्ट संख्या 5 की पीठासीन अधिकारी श्वेता शर्मा ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।

परिवादी रमेश कुमार ने मथानिया में लिखित रिपोर्ट दी कि उसके गांव के राहुल राठी ने गत 9 जुलाई को अपने फेसबुक आईडी से वर्तमान राष्ट्रपति द्वारा सम्मनित होने पर प्रशस्ति पत्र लेते हुए फोटो पोस्ट की जो वायरल हुई। राष्ट्रपति भवन में साइबर सुरक्षा में विशिष्ट योगदान देने के लिए सम्मानित किए जाने का अंकन किया गया।

इस पर लोगों ने उसे खूब बधाइयां दीं। राहुल की यह फोटो सूरत के हार्दिक सुतारिया ने एडिट करके तैयार की थी। अपर लोक अभियोजक चांद अली ने जमानत का विरोध किया और कहा कि अपराध गंभीर है। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता तथा वर्तमान में बढ़ती हुई साइबर क्राइम की प्रवृत्ति को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।



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