सोलर प्लांट लगाने की एवज में ढाई करोड़ रुपए के धोखाधड़ी करने का मामला बासनी थाने में दर्ज हुआ। अन्य राज्य में सोलर प्लांट लगाने की एवज में कंपनी व जोधपुर के एक व्यक्ति के बीच 12 करोड़ में सौदा तय हुआ था। इस पर कंपनी को 8.71 करोड़ रुपए का भुगतान वर्ष 2018 में कर दिया गया था, लेकिन कंपनी ने न तो प्लांट लगाया और न ही संबंधित व्यक्ति को रूपयों का भुगतान किया। हालांकि इस दौरान कंपनी की ओर से 6.11 करोड़ रुपए लौटाए, लेकिन शेष ढाई करोड़ नहीं दिए।

बासनी थानाधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि शास्त्रीनगर जी सेक्टर रहने वाले मनोज पुत्र लक्ष्मीनारायण शर्मा की ओर से रिपोर्ट देकर बताया कि उन्होंने सोलर प्लांट हरियाणा में लगाने के लिए जयपुर की एक कंपनी से संपर्क किया था, जिसका ऑफिस सी स्कीम में है। इसके डायरेक्टर राहुल गुप्ता, निधि व नेहा हैं। उनसे प्लांट लगाने का सौदा 12 करोड़ रुपए में तय हुआ था।

उसकी एवज में मनोज की ओर से 8.71 करोड़ का भुगतान भी कर दिया गया था। एग्रीमेंट के अनुसार ये भुगतान होने पर प्लांट का काम शुरू होना था, लेकिन कंपनी के डायरेक्टर टालमटोल करते रहे। बाद में कंपनी से रुपए वापस देने की बात की तो कंपनी की ओर से 6.11 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया, लेकिन करीब ढाई करोड़ रुपए अब भी बकाया हैं। ऐसे में मनोज शर्मा ने कंपनी के तीनों डायरेक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

देवनगर थाने में हुआ ठगी का केस दर्ज

कस्टमर केयर पर संपर्क किया, शातिर ने झांसे में लेकर खाते से उड़ा लिए 60 हजार रुपए

चौपासनी हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में रहने वाले कपड़ा व्यापारी के बैंक खाते से 60 हजार रुपए शातिर ने ऑनलाइन पार कर डाले। शातिर ने गूगल-पे से यह रकम पार की। घटना 11 से 13 जुलाई के बीच की है। शनिवार को देवनगर थाने में मामला दर्ज करवाया गया। देवनगर थानाधिकारी सोमकरण ने बताया कि चौपासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित सेक्टर 2 में रहने वाले मोहन गंगवानी पुत्र रूपचंद गंगवानी ने रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि वे पेशे से कपड़ा व्यापारी हैं। वे गूगल-पे का उपयोग करते हैं। 11 जुलाई को गूगल-पे पर कोई समस्या आने पर कस्टमर केयर पर उन्होंने संपर्क किया था। तब एक जने का फोन आया कि हमारे ऑफिसर का फोन आएगा, तब बात कर लेना। कुछ देर बाद शातिर ने गूगल-पे से उनके कमला नेहरू नगर स्थित एसबीआई खाते से रुपए निकालने शुरू कर दिए। शातिर मोहन गंगवानी को फोन पर भी उलझाता रहा। 11 से 13 जुलाई के बीच खाते से 60 हजार 500 रुपए पार हो गए। जब पता चला तो शातिर ने रुपए खाते में जमा करवाने की बात कही थी, लेकिन तीन चार दिन इंतजार के बाद भी रुपए जमा नहीं हुए तो पीड़ित थाने पहुंचा। थानाधिकारी ने बताया कि आईटी एक्ट में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



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