आरयूआईडीपी 550 करोड़ की लागत से देवलीअरब राेड और स्टेशन क्षेत्र की काॅलाेनियाें काे सीवरेज लाइन से जाेड़ रहा है। इसके लिए सड़कें तो खोद रहा है, लेकिन सही ढंग से उन्हें ठीक नहीं कर रहा है। जबिक सड़क खोदकर सही करने का भी नियम है। जबकि इन सड़कों को कुछ समय पहले ही बनाया गया था। सड़कें फिर से खराब हो गई हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आरयूआईडीपी ने बाेरखेड़ा क्षेत्र में सीवरेज लाइन डालकर दो दिन पहले ही सड़क ठीक थी, लेकिन सड़क पूरी तरह से धस गई है। स्थानीय लाेगाें ने अधिकारियाें के विराेध भीकिया था, लेकिन इसकी रिपेयरिंग नहीं की जा रही है।
आरयूआईडीपी ने देवलीअरब राेड व स्टेशन क्षेत्र की काॅलाेनियाें काे सीवरेज लाइन से जाेड़ने का 550 कराेड़ रुपए का प्राेजेक्ट हाथ में लिया हुआ है। इसमें बाेरखेड़ा से धाकड़खेडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक लाइन डाली जा रही है। इसके बीच जितनी भी काॅलाेनियां आ रही हैं, उनकाे सीवरेज से जाेड़ा जा रहा है। ये प्राेजेक्ट जून 2022 तक पूरा हाेगा। इसके लिए जाे लाइन डाली जा रही है, वाे डेढ़ से 2 मीटर तक गहरी खुदाईकरके डाली जा रही है।
लाइन डालने के बाद उस सड़क की मरम्मत का जिम्मा भी आरयूआईडीपी का है। आरयूआईडीपी मरम्मत कर भी रही है, लेकिन इतनी गहरी खुदाई काे भरने के बाद उस पर जिस मजबूती से रिपेयर वर्क हाेना चाहिए, वाे नहीं किया जा रहा है।
बारिश में और खराब हो जाएंगी ये सड़कें
लाइन डालने के बाद उसी में से निकला मलबा वापस डाला और ऊपर से डामरीकरण किया जा रहा है, जो बारिश में उखड़ रहा है। इस कारण इस क्षेत्र की शक्तिविहार व पार्शवनाथ कालाेनियाें की सड़कें रिपेयर के बाद कई जगह से बैठ गईं और वहां गड्ढे हाे गए।
लाेगाें की शिकायत है कि अभी से यह हालत है, अभी ताे बारिश ठीक से आई भी नहीं। एक बार गड्ढा भरकर चले गए, लेकिन लगातार बारिश हाेने पर ताे ये डामर भी बह जाएगा। उसके बाद इस सड़क की मरम्मत काेई करेगा नहीं और स्थानीय लाेग आने वाले कई वर्षाें तक परेशान हाेते रहेंगे। वहीं, कालातालाब क्षेत्र में भी लाेगाें ने करीब 1 माह तक काफी परेशानी झेली थी।
^पाइल लाइन डालने के लिए डेढ़ से दाे मीटर तक की खुदाई की जा रही है। बारिश में समस्या आती है। जमीन व मिट्टी गीली हाेने के कारण भरने के बाद कई बार बैठ जाती है। जहां भी इस तरह की समस्या आ रही है, वहां हम दुबारा रिपेयर करेंगे। - सुभाष अग्रवाल, एक्सईएन आरयूआईडीपी
इधर, सड़क पर कब्जा कर बना दिया चबूतरा, नहीं हटवा रहा है यूआईटी
रंगतालाब के रजानगर निवासी एक व्यक्ति छाेटा अतिक्रमण हटवाने के लिए यूआईटी के चक्कर काटते-काटते थक गया। 17 जून को हुई जनसुनवाई में उसने अपनी लिखित शिकायत दी ही थी, इसके बाद भी वह कई बार यूआईटी के चक्कर काट चुका है, मगर कार्रवाई ताे दूर उसे संताेषजनक जवाब तक नहीं मिला।
रजानगर निवासी इलमुद्दीन का कहना है कि 17 जून को यूआईटी में जनसुनवाई शिविर लगा था। इसमें उसने अपनी समस्या के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया था। उसने बताया कि पड़ोसी ने अपने घर के बाहर की सड़क पर दो सेफ्टी टैंक, पक्का चबुतरा बनाकर जाली लगा ली। इससे बहुत असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस समय रजानगर, रंगतालाब में सीवरेज पाइप लाइन व पानी की पाइप लाइन डालने का कार्य चल रहा है। सड़क निर्माण और नाली निर्माण की योजना का सर्वे भी चल रहा है।
इस अतिक्रमण के कारण सभी कार्याें में अड़चन आ रही है। जाे सरकारी कार्य में बाधा है। इस अतिक्रमण काे हटाए जाए। यह शिकायत जनसुनवाई में तहसीलदार राम कल्याण को दी थी। इस पर कार्रवाई के आदेश भी हो गए थे, मगर एक माह गुजरने के बावजूद कुछ नहीं हुआ। इलमुद्दीन के अनुसार, वह अपने काम के कारण अधिकतर समय कोटा से बाहर रहता है। घर पर उसके बुजुर्ग परिजन ही हैं। इसलिए उनके लिए यूआईटी में जाना सम्भव नहीं है। वह जब भी कोटा आता है यूआईटी जा-जा कर परेशान हो चुका है, मगर वहां इसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
^इन दिनाें धर्मपुरा याेजना और अन्य बड़े अतिक्रमण हटाने में जुटे हुए थे, इसलिए रजानगर वाला अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं हुई। साेमवारकाे माैका दिखवाकर कार्रवाई करेंगे।-रामकल्याण, तहसीलदार यूआईटी
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