नगर निगम कर्मचारी संगठनाें और निगम प्रशासन के बीच दूसरे दौर की वार्ता विफल हो गई। मंगलवार को उपायुक्त (मुख्यालय) आकांक्षा बैरवा लिखित में आश्वासन देने से मुकर गईं। उन्होंने दो दिन का और समय मांगा। इसके बाद निगम कर्मचारियों की समन्वय समिति ने बुधवार को पेनडाउन और गुरुवार को वार्ता आगे नहीं बढ़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी थी, लेकिन कांग्रेस नेता राजेंद्रसिंह सोलंकी के साथ बातचीत के बाद फ़िलहाल पेनडाउन हड़ताल की घोषणा वापस ले ली है। इधर, समिति के सदस्य जयपुर रवाना हो गए। वे बुधवार को जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलेंगे और सातवें वेतन आयोग के एरियर सहित 20 मांगों को रखेंगे।

मंगलवार शाम समिति संयाेजक राधेश्याम हंस, सचेतक नरेंद्र हर्ष, उप संयोजक निरंजन चौधरी व किरण हंस, नगर निगम कर्मचारी संघ एकीकृत के अध्यक्ष अमरलाल व्यास, कैलाश तंबोली, हरबंश कल्ला, सलामत तुल्ला खान, बच्चन पंडित, नंदलाल धारु, दीपक कच्छवाह, प्रशांत चौहान और राणूसिंह वार्ता के लिए उपायुक्त कक्ष में पहुंचे। मात्र 15-20 मिनट की वार्ता में उपायुक्त लिखित आश्वासन से मुकर गईं।

अन्य पालिका से आए कर्मचारियाें का नियमविरुद्ध स्थायीकरण, अब डीपीसी भी
समिति सदस्यों ने कहा कि कुछ कर्मचारी जाे अन्य निगम, परिषद या पालिका से स्थानांतरित हाेकर जाेधपुर नगर निगम में आए हैं। उन्हाेंने अफसराें से सांठगांठ कर नियम विरुद्ध स्थायीकरण करवा दिया ताे कई कर्मचारियाें ने जहां से आए, वहां जॉइनिंग की बजाय निगम से ही पदाेन्नति का नियम विरुद्ध लाभ उठा लिया। एेसे सभी कर्मचारियाें काे सूचीबद्ध कर उन्हें उच्च पद पर अमान्य घाेषित करने की समिति मांग कर रही है।



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Deputy commissioner turned away from assurance
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