उपखंड की नानूवाली बावड़ी में महात्मा गांधी नरेगा का कार्य ढाणी कुण्डाल में बीरबल के खेत में दो दिन से बंद जोहड़ खुदाई का कार्य मजदूरों के प्रदर्शन करने के बाद रविवार को तीसरे दिन बीडीओके आश्वासन पर शुरू हुआ। दरअसल, मेट की मनमर्जी के चलते यहां नियोजित मजदूर दो दिन से काम नहीं कर रहे थे, क्योंकि मेट नहीं आ रहा था।

दिनभर बैठे मजदूर बाद में निराश लौट रहे थे। रविवार को बीडीओ से शिकायत करने पर उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। मजदूरों ने बताया कि उनका जॉब कार्ड मेट के पास ही है। मेट का कहना है कि काम पूरा होने के पश्चात ही जॉब कार्ड वापस देगा। इस कार्य पर लगभग 55 मजदूरों को लगाया गया है।

लगभग 40 से 43 मजदूर ही काम पर प्रतिदिन आ रहे हैं। रविवार को कार्य स्थल पर 35 मजदूर थे। इन मजदूरों ने आरोप लगाया कि मेट मनमर्जी के चलते बांध की पाल के पास की मिट्‌टी की खुदाई के 183 रुपए और लगभग 500 मीटर से दूर खुदाई पर 85 रुपए ही मजदूरी लगा रहा है। विरोध जताने वाले मजदूरों ने आरोप लगाया कि मस्टर रोल किसी दूसरे के नाम से है और मेट का कार्य कोई और कर रहा है।

मजदूरों का आरोप है कि कनिष्ठ अभियंता आकर कार्य बंद करने की धमकी देकर जाते हैं, कहते हैं इतने ही रुपए मिलेंगे, आप लोगों को जो करना है कर लें। राज्य सरकार ने 220 रुपए प्रतिदिन निर्धारित कर रखे है। हमें मिट्‌टी खुदाई नाप कर दी जाती है और नाप किसी अन्य का लेते हैं, ऐसे में कम रुपए हमारे खाते में किस हिसाब से आ रहे हैं, इसकी जानकारी पूछने पर भी नहीं दे रहे हैं।

हमसे कार्य भी पूरा करवा रहे हैं, फिर भी अधिकांश मजदूरों के 85 से 150 रुपए तक ही खाते में आ रहे हैं और मेट के चहेतों के खाते में 185 रुपए व उससे अधिक आ रहे हैं। रविवार को कार्य स्थल पर हजारी लाल, ख्याली राम, विजेश कुमार, दुर्गाराम, रमेश कुमार, भागाराम, रामावतार, लीलाराम, चौथमल सहित 35 मजदूर मौजूद थे। मजदूरों ने फोन पर विकास अधिकारी महेंद्र सिंह से बात करने के बाद कार्य प्रारम्भ किया।



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When the work of MGNREGA stopped in Nanuwali Bawdi, the workers demonstrated, started on the third day on the instructions of BDO.
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