जब कभी भी आप शहर के मंडावा रोड पर जेबी शाह गर्ल्स कॉलेज के पीछे वाली सड़क से गुजरें तो वाहन थोड़ा संभल कर चलाएं। यहां बीच सड़क पर एक बोरवैल के कारण आपके साथ कभी भी हादसा हो सकता है। यह सड़क नगर परिषद ने डेढ़ करोड़ की लागत से निजी कंपनी को ठेका देकर बनवाई है।

सड़क पर इस इंजीनियरिंग का यह कमाल उसके ही अधिकारियों की देखरेख में हुआ है जिन्होंने पहले से बने जलदाय विभाग के बोरवेल को हटाए बिना सड़क बना दी। अब यहां आए दिन हादसे होते हैं। यह एक उदाहरण नहीं है।

पीडब्लूडी डाक बंगले से मंडावा मोड़ की ओर से जाने वाले रास्ते पर बीच में आयकर विभाग की तरफ जाने वाली सड़क पर ऐसे नलकूप के ऊपर बनाई गई है जो काम ही नहीं आता, यह सड़क के ठीक बीच में होने से रात को दिखाई नहीं देता। इससे भी एक कदम आगे चलते हुए नगर परिषद ने मंड्रेला रोड पर मुख्यमंत्री जन सहभागिता आवास के पहले सड़क बनाई है, लेकिन बीच में एक बोरवैल भी है, इसके बारे में किसी ने विचार ही नहीं किया।

20 साल से बोरवेल, सड़क अब बनी: यह बोरवले यहां 20 साल से बताया जा रहा है। पहले सड़क मार्ग के बीच में थी। 2017 में नगर परिषद ने वॉल टू वॉल सड़क बना कर चौड़ी की तो बोरवेल बीच में आ गया। अधिकारियों ने उसे हटाने की कवायद किए बिना सड़क बना दी। इसमें भी बीच में डिवाइडर बना दिया। इस बाेरवले से बसंत विहार में सप्लाई की जाती है।

यहां भी पहले बोरवैल फिर सड़क

मंड्रेला रोड: मुख्यमंत्री जन आवास योजना के फ्लैड की ओर जाने वाली सड़क पर भी बीचोंबीच बोरवेल आ रहा है। इसे सही करने की कोई कोशिश नहीं की गई।

मंंडावा मोड़ रोड: आयकर विभाग की ओर जाने रास्ते के ठीक बीच में यह नलकूप अब किसी काम नहीं आ रहा लेकिन हादसे का कारण बना हुआ है।



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Borewell was already there, made it road without removing it, now daily accidents
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