(शिवांग चतुर्वेदी) कोरोना महामारी के चलते जब विश्वभर का अर्थतंत्र गड़बड़ाया हुआ है और देश में भी आर्थिक हालात मुश्किल भरे चल रहे हैं। इस बीच आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या में भी भारी कमी आई है। आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 31 जुलाई तक 6.01 लाख रिटर्न्स फाइल की गई हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 17.71 लाख आयकर रिटर्न फाइल की गई थी।
इन आंकड़ों ने केन्द्रीय एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि इस बार आयकर रिटर्न भरने की तिथि बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई है। आईटीआर कम रहने की एक वजह यह भी बताई जा रही है। राजस्थान में पिछले वर्षों में औसतन 40 लाख विवरणियां (आईटीआर) भरी जाती हैं। रिटर्न फाइल किए जाने की अंतिम तारीख 31 जुलाई होती है।
दरअसल कोरोनाकाल में केन्द्र सरकार आर्थिक गतिविधियों को सुचारू बनाने के लिए जब 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज दे चुकी है। उद्याेगों और आमजन को राहत देने के लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद सामान्य आर्थिक गतिविधियां पटरी पर नहीं लौट पा रही है।
स्क्रूटनी में भी आई गिरावट
इनकम टैक्स रिटर्न भरे जाने में तो कमी आई ही है, आयकर विभाग ने पिछले 2 वर्षों में प्राप्त रिटर्न्स की जांच स्क्रूटनी की संख्या में भी कमी की है। 2017-18 में मात्र 0.13% रिटर्न की ही स्क्रूटनी की थी। इस वित्त वर्ष में भरे जाने वाले आयकर रिटर्न में भी स्क्रूटनी में कमी आएगी।
राजस्थान में आईटीआर के आंकड़े
| वित्तीय वर्ष | रिटर्न्स |
|---|---|
| 2014-15 | 25.96 लाख |
| 2015-16 | 31.18 लाख |
| 2016-17 | 31.93 लाख |
| 2017-18 | 37.45 लाख |
| 2018-19 | 41.28 लाख (प्रोविजिनल) |
| 2019-20 | 43.97 लाख (प्रोविजिनल) |
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