पंचायत समिति घाटोल में सरकारी आदेश की अवमानना कर सड़कों के लिए नियम से ज्यादा बजट जारी कर दिया गया है। दरअसल 2019-20 में प्रस्तावित बजट 1 करोड़ 78 लाख रुपए 25 कामों के लिए स्वीकृत किए गए थे। जिसमें सड़क, स्वच्छता, लाइट व्यवस्था और जल टैंक आदि 19 कार्याे पर निर्धारित प्रतिशत के हिसाब से ही खर्च करना था।
सड़कों के लिए केवल 58 लाख रुपए ही खर्च करने का प्रावधान था। लेकिन पंचायत समिति ने निर्धारित प्रतिशत से ज्यादा 1.34 कराेड़ रुपए सीसी सड़क निर्माण के लिए स्वीकृति दे दी। इतना ही नहीं पंचायत की ओर से आदेश जारी करने के बावजूद इसकी एंट्री डिस्पैच रजिस्टर में संधारित नहीं की गई। जबकि पंचायत समिति आने-जाने वाले हर आदेश और कागज की एंट्री हाेती है। जबकि सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कुल बजट का 55 प्रतिशत यानी 1 करोड़ 78 लाख रुपए में करीब 98 लाख रुपए अलग-अलग स्वच्छता, लाइट व्यवस्था, जल टैंक सहित अन्य मदों पर खर्च था।
बजट के 55 प्रतिशत की राशि में से ही 60 प्रतिशत राशि केवल सीसी सड़क के लिए खर्च करने के आदेश हैं। जिसके मुताबिक करीब 58 लाख रुपए ही सड़क निर्माण के लिए खर्च करने थे। लेकिन पंचायत समिति के विकास अधिकारी हरकेश मीणा और निवर्तमान प्रधान सेना देवी ने 1 करोड़ 34 लाख रुपए की सड़क निर्माण के लिए स्वीकृत दे दी।
बिना डिस्पैच किए ही जारी की स्वीकृति: पंचायत समिति की ओर से इस बजट में एक और बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। जहां स्वीकृति के लिए डिस्पैच (जावक क्रमांक) नम्बर चढ़ाया जाता है, लेकिन विकास अधिकारी हरकेश मीणा ने इन नियमों को भी दर किनारे करते हुए 1 करोड़ 78 लाख रुपए के स्वीकृत किए कार्यों में किसी भी कार्य में डिस्पैच नम्बर नहीं चढ़ाएं गए हैं। जिससे कोई भी स्वीकृति पुराने तारीख भी भी दर्शाई जा सकती है।
इस मामले में जानकारी नहीं है। मैं देखता हूं क्या है। फिर ही आपको बता पाऊंगा।
- हरिकेश मीणा, विकास अधिकारी
मुझे इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। यह पूरा काम विकास अधिकारी ही देखते हैं। उन्होंने सभी आदेश निकाले हैं इसलिए उन्हें ही जानकारी हाेगी।
साेना देवी, निवर्तमान प्रधान
25 कार्य में 19 सड़क निर्माण के लिए किए स्वीकृति
घाटोल पंचायत समिति की ओर से 2019-20 के बजट में 25 अलग अलग कार्यों को स्वीकृत किया गया है। जिसमें 19 केवल सीसी रोड निर्माण के लिए कर दिया गया है। नियमों को दरकिनार करने सीसी सड़क निर्माण में स्वीकृति के पीछे घोटाले की आशंका रहती है। क्योंकि कई ग्राम पंचायत में भी देखा गया है की जिस इलाके में कागजों में सड़क निर्माण हो जाता है लेकिन धरातल पर नहीं हो पाता है।
सीसी सड़क में ज्यादा राशि गबन करने की ज्यादा संभावना रहती है। जिससे पंचायत समिति के अधिकारी भी सीसी सड़क की स्वीकृति में अपनी दिलचस्पी ज्यादा दिखाते हैं। घाटोल में भी इस तरह सरकार के आदेश को नजरअंदाज कर करीब करीब पूरे बजट खर्चा करने अब सवाल उठना शुरु हो गया है। कि जब सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन में साफ लिखा है फिर भी पंचायत समिति ने इतना बड़ा बजट सीसी सड़क निर्माण के लिए कैसे स्वीकृत कर दिया। अब यह तो जांच का विषय है।
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