जयपुर जिले के 78 पुलिस थानाें और चाैकियाें में पड़ी करीब 24 हजार टन बजरी का खान विभाग काे खरीदार ही नहीं मिले। खान विभाग ने जब्तशुदा बजरी काे बेचने के लिए नीलामी प्रक्रिया अपनाई थी। बजरी आमजन समूह बनाकर खरीद सके इसके लिए जयपुर के थानाें काे सात समूहाें में बांट कर नीलामी की थी। इनमें से केवल दाे समूह की बजरी ही बिक सकी। बाकी के लिए काेई खरीदार ही नहीं आए। अब खान विभाग इस बजरी काे बेचने के लिए नए सिरे से नीलाम करेगा।
जयपुर में सवाई माधाेपुर और टाेंक इलाके से अवैध रूप से लाई गई बजरी काे खान विभाग, आरटीओ और पुलिस ने नाकाबंदी के दाैरान पकड़ा था और नजदीकी थानाें में पुलिस निगरानी में बजरी खाली करवाई थी। जिसके चलते थानाें में बजरी के बड़े ढेर लग गए। यहां तक कि कई जगह पर थानाें के स्टाफ काे अपने वाहन खड़े करने की जगह भी नहीं रही। जिसके चलते पुलिस मुख्यालय ने खान विभाग काे पत्र लिखकर जब्तशुदा बजरी काे नीलाम करने के लिए कहा था।
नीलामी की शर्त- न भंडारण करेंगे न परिवहन
बजरी माफियाओं से बचने व आमजन तक बजरी पहुंचाने के लिए खान विभाग के अधिकारियाें ने नीलामी में शर्त रखी थी कि नीलाम की गई बजरी का न ताे दुबारा भंडारण हाे सकेगा और न ही परिवहन हाे सकेगा। खरीदी गई बजरी सीधे उपयाेग स्थल पर ले जाना हाेगा। इस शर्त से आमजन जिसे बजरी की आवश्यकता है वह खरीद सकता था।
5 ग्रुप में ताे खरीदार ही नहीं आए, दाे में आए जाे 710 रुपए टन में खरीद ले गए बजरी
खान विभाग की ओर से बजरी बेचने के लिए थानाें के सात ग्रुप बनाए थे। इनमें से पांच ग्रुप में ताे खरीदार ही नहीं आए। शेष दाे ग्रुप में जाे खरीदार आए उन्हाेंने न्यूनतम खरीद 700 रुपए टन से ज्यादा 710 रुपए की रेट लगाई और बजरी खरीद ले गए।
अब दुबारा करेंगे नीलामी: खनिज अभियंता
खान विभाग के खनिज अभियंता जयपुर अनिल गुप्ता का कहना है- आमजन को बजरी मिल पाए और उन्हें इसके लिए मनमानी कीमत ना चुकानी पड़े, इसीलिए हमने जयपुर जिले के पुलिस थानाें व चाैकियां द्वारा अवैध परिवहन की जा रही जब्त बजरी का भंडारण किया हुआ है। इन थाना-चौकियों को हमने सात समूहाें में बांटा था। न्यूनतम रेट 700 रुपए प्रतिटन रखी थी। मगर बजरी खरीददार ही नहीं आए। दाे समूह की बजरी काे 710 रुपए टन के हिसाब से बेचा गया। अब बजरी काे दुबारा नीलाम करेंगे।
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