प्रदेश की हाईसिक्योरिटी जेलों में कैदियों से बार-बार माेबाइल व सिम कार्ड बरामद होने के बाद अब सरकार ने इसकी तलाशी का जिम्मा कलेक्टरों को देने का फैसला किया है। शनिवार को गृह विभाग के एसीएस रोहित कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश में कलेक्टरों से कहा गया है कि वे जेलों में मोबाइल उपकरण, सिमकार्ड एवं अन्य निषिद्ध सामग्री की रोकथाम के लिए सघन तलाशी अभियान चलाएं। इसके लिए तलाशी दल गठित करें और इसका प्रभारी जिले में तैनात आरएएस अधिकारी को बनाया जाए। इस दल की सुरक्षा के लिए आरएसी का भी उपयोग किया जा सकता है।
बंदियों की तलाशी के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए और कारागृह महानिदेशक द्वारा तलाशी दल का पूरा सहयोग किया जाए। तलाशी से पहले बंदियों को अनिवार्य रूप से दूसरे वार्ड में शिफ्ट करना होगा।
तय अवधि में जेल का स्टाफ भी बदला जाएगा
बंदियों के पास मोबाइल या अन्य प्रतिबंधित सामग्री मिलने पर उन्हें तुरंत अन्य कारागृहों में भेजा जाए। संवेदनशील कारागृहों में स्टाफ को एक निश्चित अवधि के बाद अनिवार्य रूप से बदला जाए।
जेल स्टाफ व कैदियों में मिलीभगत की आशंका
अजमेर सेंट्रल जेल व हाईसिक्यूरिटी जेल में पिछले 3 महीने में 4 बार कैदियाें से माेबाइल व सिम बरामद हो चुके हैं। ऐसे ही हालात जयपुर, भरतपुर सहित अन्य जिलों में हैं। इन मामलों में जेल स्टाफ की मिलीगभत की आशंका रहती है। इस मिलीभगत को रोकने और नियमित मॉनिटरिंग के लिए ये आदेश जारी किए गए हैं।
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