जलदाय विभाग में बिना भर्ती के ही पंप ड्राइवर पद पर नियुक्ति का फर्जी आदेश जारी हो गया। फर्जी आदेश लेकर कुछ लोग जलदाय विभाग के हैडक्वार्टर में ट्रेनिंग के लिए भी पहुंच गए। जब विभाग के अधिकारियों ने यह आदेश देखा तो सकते में आ गए। मामले की जांच पड़ताल करवाई गई। बिना भर्ती के नियुक्ति आदेश जारी करने के मामले को लेकर चीफ इंजीनियर (प्रशासन) संदीप शर्मा ने पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाने के आदेश दिए है।
हालांंकि विभाग के अधिकारियों ने इस फर्जी आदेश को सार्वजनिक करने से इंकार कर दिया है।
जलदाय विभाग में चीफ इंजीनियर (प्रशासन) और अधीक्षण अभियंता (संस्थापन अराजपत्रित) के हस्ताक्षर स्कैन करके पंप ड्राइवर पद का अस्थायी नियुक्ति पत्र जारी हुआ है। कार्यालय आदेश में नियुक्ति नियम 1996 के प्रावधानों के तहत पंप ड्राइवर के पद पर ग्रेड पे-2400 में अस्थाई नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी गई है।
यह फर्जी आदेश संख्या-स्वा/स्था/338/2020 से तारीख 28 जुलाई 2020 अंकित करते हुए तैयार किया गया है। इसमें अभ्यर्थियों की सूची जारी करते हुए इनका प्रशिक्षण 12 से 14 अगस्त तक अधीक्षण अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग जयपुर में होना लिखा हुआ है।
अधिकारियों की भनक लगी तो जांच करवाई, जिसमें फर्जी निकला। चीफ इंजीनियर (प्रशासन) संदीप शर्मा ने बताया कि उनके कार्यालय के स्तर से इस प्रकार का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है, कोई भी व्यक्ति/अभ्यर्थी इस प्रकार के आदेश से भ्रमित नहीं हो तथा इस संबंध में किसी प्रकार के बहकावे में नही आए।
निर्देश दिए : सभी दफ्तरों में चस्पा होंगे नोटिस
चीफ इंजीनियर ने विभाग के सभी जोन के एडिशनल चीफ इंजीनियर दफ्तरों में इस फर्जी आदेश की जानकारी को लेकर सूचना बोर्ड पर नोटिस चस्पा करने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही इस फर्जी आदेश के जरिए कोई व्यक्ति नौकरी ज्वॉइनिंग करने के लिए आता है तो पुलिस को सूचना देने के साथ ही चीफ इंजीनियर (प्रशासन) को भी जानकारी भेजने के लिए पाबंद किया है।
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