इंगांनप उपनिवेशन तहसील गजनेर, कोलायत द्वारा सिंचित माने गए चकों के किसानों से अंतर राशि वसूलने को लेकर मंगलवार को भारतीय किसान संघ द्वारा उपनिवेशन तहसीलदार का घेराव कर ज्ञापन सौंपा गया।
उपनिवेशन तहसील पहुंचे संघ पदाधिकारी व किसानों ने कहा कि सरकार किसानों की हितैषी बनी बैठी है।
जबकि ऐसे नियम लगाकर किसानों को खेती से दूर करने पर तुली हुई है। भाकिसं के जिलाध्यक्ष कैलाश जाजड़ा ने बताया कि सीएडी द्वारा 45 गांवो के 318 चको की बिना जांच किए विभाग ने सिंचित मान लिए। परंतु कुछ चको में अगले 20 साल तक भी पानी पहुंचने की कोई योजना नहीं है।
किसान पहले से ही कम बारिश, टिड्डी, लॉकडाउन में जूझ रहा है। उस पर सरकार के बेतुके आदेश किसानों को चिंतित कर रहे हैं। स्थानीय विधायक भंवर सिंह भाटी उपनिवेशन विभाग के राज्य मंत्री है। क्षेत्र की स्थिति की जानकारी के बावजूद किसानों को राहत नहीं दे रहे। जाजड़ा ने कहा कि यदि जल्द ही सरकार अपने आदेश को नहीं बदला तो आंदोलन उग्र किया जाएगा।
वहीं उपनिवेशन तहसीलदार पीताम्बर दास राठी ने कहा कि पूर्व की जमीने बारानी थी सीएडी से मिले नए चक में उन्हें सिंचित घोषित किया है। उसी के आधार पर अंतर राशि वसूलने के आदेश प्राप्त हुआ है। राठी ने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि सभी चकों की जांच करवाकर रिपोर्ट तैयार करवाई जाएगी।
इससे पूर्व संघ पदाधिकारियों व किसानों द्वारा विभाग व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। जिसमें राजेंद्र प्रसाद पंचारिया, जयराम मेघवाल, खेमचंद पंचारिया, रामेश्वर पंचारिया, रामसिंह, मदन सिंह, बाबूलाल, अलसीराम आदि मौजूद थे।
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