भास्कर संवाददाता | भरतपुर
लॉकडाउन के दौरान चौबुर्जा स्थित राज होटल के मालिक और उसके दो नौकरों को पुलिस द्वारा पकड़ कर ले जाने और हवालात में बंद करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर व्यापारियों में काफी आक्रोश है। उनका आरोप है कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने के नाम पर प्रशासनिक अफसरों द्वारा उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। शनिवार को राज होटल के मालिक और नौकरों के साथ पुलिस ने अपराधियों जैसा व्यवहार किया। जबकि न तो उनके खिलाफ किसी आपराधिक मामले की कोई रिपोर्ट थी और ना ही किसी तरह की एफआईआर।
इसके बावजूद पुुलिस होटल मालिक और उसके दो नौकरों को जबरन कोतवाली ले गई। वहां उनके कपड़े उतरवाए और अर्द्ध नग्न हालत में उन्हें हवालात में बंद कर दिया। इसमें भी रोचक बात यह है कि उनके विरोध के बाद इस मामले की जांच भी अब उसी एडीएम सिटी राजेश गोयल को सौंपी गई है। जिसके निर्देश पर पुलिस ने दबंगई की थी। व्यापार संगठनों ने अब सोमवार को संभागीय आयुक्त प्रेमचंद बेरवाल और रेंज आईजी संजीव नार्जरी को ज्ञापन देकर संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग करने का फैसला किया है।
कलेक्टर ने दे रखी थी छूट इसलिए शनिवार को ढाबा खोला था
इधऱ, ढाबा मालिक राजू पंडा ने कहा कि लॉकडाउन में जिला कलेक्टर ने होटल-रेस्टोरेंट को पैक्ड भोजन बेचने की छूट दी थी। इसलिए उसके भाई ने शनिवार को ढाबा खोला था। वे काम शुरू करने ही वाले थे कि एडीएम प्रशासन और अन्य अफसर आ धमके। वे चालान करने की बात करने लगे। इस पर जब उसके भाई ने अखबार में छपी खबर का हवाला देकर होटल-रेस्टोरेंट खोलने की छूट होने की बात कही तो एडीएम सिटी बोले-अखबार में छपने से क्या होता है।

पुलिस ने अपराधियों जैसे सलूक किया
^कोतवाली पुलिस ने मेरे भाई के साथ अपराधियों जैसा सलूक किया। उन्हें बाहर भी सामान्य रूप से बैठाया जा सकता था, लेकिन कपड़े उतरवाकर लॉकअप में बंद कर दिया।
भूपेंद्र (चंदा पंडा), पार्षद

कलेक्टर ने दे रखी थी पैक्ड खाना बेचने की छूट

व्यापारी को इस अवस्था में बंद करना आपत्तिजनक : बंसल
जिला व्यापार संघ एवं कोतवाली-कुम्हेर गेट व्यापार संघ ने अलग-अलग बैठकें कर प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। जिला व्यापार महासंघ के शहर अध्यक्ष भगवानदास बंसल ने कहा कि जिस तरह से करोना गाइड लाइन के नाम पर व्यापारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है, वह नाकाबिले बर्दाश्त है। अगर कहीं कोई व्यापारी नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसका चालान करने में कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन, व्यापारी को पुलिस से पकड़वाना, कपड़े उतारकर अर्द्धनग्न अवस्था में हवालात में बंद कर देना आपत्तिजनक है। जिला महामंत्री बंटू भाई ने कहा कि सरकारी ऑफिसों और थानों में भी मास्क एवं सोशल डिस्टेंसिंग में लापरवाही हो रही है। उनके भी चालान काटे जाएं और उन्हें हवालात में बंद किया जाए। कुम्हेर गेट व्यापार संघ के अध्यक्ष विनोद खंडेलवाल ने भी व्यापार संघ की बैठक करके ढाबा मालिक से दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस कर्मियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

व्यापारी भरोसा रखें, निष्पक्ष जांच ही होगी ः कलेक्टर
^इधर, जिला कलेक्टर का कहना है कि यह कोई बहुत बड़ा मुद्दा नहीं हैं। प्रशासनिक अधिकारी से बढ़कर किससे जांच कराएंगे। यह जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी, व्यापारियों को भरोसा रखना चाहिए। ढाबा मालिक को हवालात में बंद करने का मामले की एडीएम सिटी से जांच करवा रहे हैं। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। नथमल डिडेल, कलेक्टर

हवालात में बंद करना ठीक नहीं, मैं जांच करूंगा
^शहर में विजिट के दौरान शनिवार को हमें राज होटल खुला मिला था। वहां 3 लोगों ने मास्क नहीं लगा रखे थे। तंदूर भी सड़क पर रखा हुआ था। उन्हें मास्क पहनने और तंदूर को सड़क से हटाने को कहा था। पुलिस को कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। उन्हें हवालात में बंद करना गलत है।मैं इसकी जांच करूंगा।
-राजेश गोयल, एडीएम सिटी भरतपुर

झगड़ा करने पर उतारू हो गया था ढाबा मालिक : एसएचओ
^लॉकडाउन के दौरान शनिवार को एडीएम सिटी राजेश गोयल के निर्देश पर बिना मास्क मिले ढाबा मालिक राजू व दो नौकरों पर 1500 रुपए का जुर्माना किया था। इसका चालान भरा था। लेकिन, उन्होंने जुर्माना जमा करने से इनकार कर दिया और झगड़ा करने पर उतारू हो गए थे। इस पर तीनों को कोतवाली में लाया गया था। बाद में जुर्माना राशि जमा करने पर उन्हें छोड़ दिया गया।
- कैलाश मीणा, एसएचओ



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हवालात में बंद होटल मालिक और कर्मचारी।
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