दो दिन पहले मुख्यमंत्री ने रात में आपातकालीन बैठक लेकर स्थानीय प्रशासन और चिकित्सा महकमों को पूरी पादर्शिता के साथ रिपोर्ट जारी करने के निर्देश दिए थे। उसके बाद और बेहतर तरीके से समन्वय कर स्थानीय स्तर पर रिपोर्ट जारी करनी थी, लेकिन यहां रिपोर्ट ही रोक दी गई। हद ताे यह है कि कोरोना की रिपोर्ट न सिर्फ मीडिया और आम जनता से बल्कि सेम्पल देने वाले लोगों से भी समय पर साझा नहीं की जा रही। जिला सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी की अाेर से

सोशल मीडिया ग्रुप में एक लाइन में सूचना दी जा रही है। इसका भी सच देखिए। स्थानीय रिपोर्ट में 10 केस बताए गए। देर शाम 6 बजे जारी हुई राज्य की कोरोना रिपोर्ट में 10 केस और दो मौतें बताई, स्थानीय स्तर पर कोरोना से मौत की जानकारी ही छिपा दी गई। भास्कर की पड़ताल में यह भी सामने आया कि स्थानीय मेडिकल रिपोर्ट भी गुमराह करने वाली है। सोमवार को विभाग से जारी प्रेसनोट में कुल संक्रमित 10 बताए गए, जबकि जानकारी यह सामने आई है कि

संक्रमित 30 से अधिक है। 10 संक्रमित तो शहरी क्षेत्र के ही है। 10 से अधिक परतापुर ब्लॉक में और करीब 3 संक्रमित तलवाड़ा ब्लॉक के है तो कुल संक्रमित 10 कैसे हो सकते है। राज्य से निर्देश है कि रिपोर्ट पूरी जारी की जाए जिसमे व्यक्ति के नाम को छोड़कर क्षेत्र का नाम हो। लेकिन यहां रिपाेर्ट ही राेक दी गई। जो डॉक्टर पिछले कई महीनों से दिनरात संक्रमितों के इलाज और देखभाल में जुटे है उन्हें भी रिपोर्ट नही दी जा रही, इस कारण मरीजों से संपर्क तक नहीं हाे पा रहा।

माेबाइल नंबर फीड करने में लापरवाही निगेटिव काे पाॅजिटिव और पाॅजिटिव काे निगेटिव : लापरवाही की हद यह है कि कोरोना से संक्रमित लोगों को भी उनके संक्रमित होने की जानकारी समय पर नही मिल रही। मैसेज से सबको सूचना देने की सुविधा है लेकिन यह सूचना पहुंचने में 3 से 5 दिन लग रहे हैं। विभाग के ऑपरेटर जांच के लिए आने वाले लोगों के मोबाइल नंबर भी जल्दबाजी में रहे है। जिसमें पाॅजिटिव काे निगेटिव और निगेटिव काे पाॅजिटिव बता रहे है। यदि परिवार के लोग है तो सबके एक ही नम्बर लिख रहे हैं।

रिपाेर्ट जारी नहीं करने का असर क्या
यदि कोरोना काे छिपाया जाता है ताे काेराेना प्रभावित, उसके परिवार के सदस्यों और आमजन काे खतरे में डाला जा रहा हैं। ये परिवार के सदस्य ही कॉलेज, आॅफिस, बाजार में जाते हैं और सैकड़ों लोगों से मिलते हैं। यहां वे और लाेगों को बीमारी देंगे और सुपर स्प्रेडर्स का काम करेंगे। कोरोना एक ड्रॉपलेट इंफेक्शन है। एक-दूसरे के संपर्क में आने पर तेजी से फैलता है।

अगस्त तक 625 थे : जिले में कोरोना संक्रमण सितंबर में तैजी से फैलता जा रहा है। ऐसे में 21 दिन में 842 कोरोना पॉजिटिव हो गए। वहीं मार्च से लेकर 31 अगस्त तक 625 संक्रमित थे। जिले में 21 सितंबर तक कुल 1466 कोरोना पॉजिटिव पाए गए। सितंबर में जिले मंे कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है। कुशलगढ़, और अरथूना फिर एक बार हॉट स्पॉट बनते जा रहे हैं। यहां पिछले दिनों कोरोना संक्रमित ज्यादा सामने आ रहे हैं।

सोमवार रात को 28 नए कोरोना संक्रमित
सोमवार को की गई कोरोना की जांच रिपोर्ट भले ही चिकित्सा विभाग मंगलवार शाम तक आंकड़े जारी करेगा, लेकिन पाठकों तक कोरोना की हर खबर पहुंचाने के देर रात सूत्रों से संपर्क कर पता लगाया कि सोमवार की जांच रिपोर्ट में 28 नए कोरोना पॉजिटिव सामने आए है। इसमें 16 कुशलगढ़ 5 बांसवाड़ा और 4 परतापुर के बताए जा रहे है। हालांकि इसकी विभागीय पुष्टि नहीं है।

क्षेत्र की जानकारी देने के आदेश है: कलेक्टर
रिपोर्ट जारी करने के संबंध में निर्देश है कि कुल संक्रमित की संख्या के साथ क्षेत्र के अनुसार रिपोर्ट जारी हो। यह जानकारी जयपुर उच्चाधिकारियों से प्राप्त की है। मैं सीएमएचओ से बात कर सूचना उपलब्ध कराता हूं।
-अंकित कुमार सिंह, कलेक्टर, बांसवाड़ा।



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