मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी बड़े शहरों और नगरपालिका क्षेत्रों में रेहड़ी-ठेला-पटरी आदि लगाने वाले तथा स्ट्रीट वेंडर्स के रूप में गुजर-बसर करने वाले शहरी गरीबों को चिन्हित कर उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलवाने के लिए अभियान चलाएं।
गहलोत गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से स्वायत्त शासन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक को संबोधित रहे थे। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडर्स को छोटी-छोटी राशि की जरूरत होती है। इन वेंडर्स को अभियान चलाकर प्रधानमंत्री स्व निधि योजना जैसी योजनाओं से लाभान्वित करें।
योजना के तहत रेहड़ी-ठेला-पटरी आदि लगाने वाले वेंडर्स को 10,000 रुपए तक का ऋण सस्ती ब्याज से उपलब्ध कराया जाता है। लाभार्थियों को चिन्हित कर उन्हें ऋण तथा ब्याज दर पर 7 प्रतिशत अनुदान का लाभ दिलाया जा सकता है। इन्दिरा रसोई की भी सीएम ने रिपोर्ट मांगी।
सीएम बोले: सीवर-मैनहाॅल सुपर सकर मशीनें जल्द खरीदें
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न शहरी क्षेत्रों में सीवरेज के नालों और मैनहोल की सफाई के लिए सुपर सकर तथा जेटिंग मशीनें जल्द से जल्द खरीदने के निर्देश दिए। सभी नगरीय क्षेत्रों में यह सुनिश्चित किया जाए कि आदमी को सीवर लाइन या मैनहोल में सफाई के लिए नहीं उतरना पड़े।
मुख्यमंत्री ने उदयपुर, जयपुर, कोटा और अजमेर शहरों में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत चल रहे कार्यों सहित विभिन्न नगरीय क्षेत्रों में अमृत मिशन के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा की। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त होने से पर्यटन व्यवसाय को भी लाभ मिलेगा।
9 नए सरकारी महाविद्यालयों का लोकार्पण
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कांफ्रेंस के जरिए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के ई-लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने करीब 62 करोड़ की लागत से उच्च शिक्षा के 9 राजकीय महाविद्यालयों तथा रूसा भवन एवं करीब 23.22 करोड़ की लागत से तकनीकी शिक्षा के 10 राजकीय इंजीनियरिंग एवं पाॅलीटेक्निक महाविद्यालयों में नवनिर्मित भवनों, बालिका छात्रावास, अनुसूचित जाति एवं जनजाति बालिका छात्रावास, लैब, नवीन आधारभूत संरचनाओं एवं तीन नवाचारों आनंदम पाठ्यक्रम, ई-कंटेट तथा पाॅलीटेक्निक काॅलेज में सेमेस्टर प्रणाली का ई-लोकार्पण किया। गहलोत ने कहा कि बीते करीब डेढ़ साल में 87 नए सरकारी महाविद्यालय खोलने का जो अभूतपूर्व काम हुआ है, वह उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के हमारे दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
इसके साथ ही कोरोना के इस संकटकाल में भी ऑनलाइन टीचिंग तथा ई-कंटेंट जैसे नवाचारों को अपनाकर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। गहलोत ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री प. जवाहरलाल नेहरू ने आईआईटी, एम्स, इसरो, डीआरडीओ, योजना आयोग जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की स्थापना के साथ ही देश में आधुनिक शिक्षा की नींव रखी। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के गठन और सूचना क्रांति जैसे फैसलों से शिक्षा का ढांचा मजबूत हुआ।
आज हमारे आईटी एक्सपर्ट दुनिया में अपने कौशल का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 को लेकर राज्य सरकार ने प्रारंभ से ही हर वर्ग को साथ लेकर फैसले किए हैं। अब 15 सितंबर को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर तक लोगों से संवाद किया जाएगा।
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